Bindusaar बिन्दुसार

By | October 27, 2016

Bindusaar -चंद्रगुप्त मौर्य का उत्तराधिकारी बिंदुसार था। जो 298 ईसा पूर्व में मगध की राजधानी पर बैठा था।
बिंदुसार अमित्रघात के नाम से जाना जाता है। अमित्रघात का अर्थ है शत्रु विनाशक।
बिंदुसार आजीवक संप्रदाय का अनुयायी था।
वायु पुराण में बिंदुसार को भद्रसार या वारिसार कहा गया है ।
स्ट्रैबो के अनुसार सीरियन नरेश ऐंटियोक्स ने बिंदुसार के दरबार में डायमेकस नामक राजदूत भेजा। इसे ही मेगास्थनीज का उत्तराधिकारी माना जाता है ।
जैन ग्रंथों के में बिंदुसार को सिंहसेन कहा गया है।
बिंदुसार के शासन काल में तक्षशिला में हुए दो मित्रों का वर्णन है । इस विद्रोह को दबाने के लिए बिंदुसार ने पहले सुसीम को और बाद में अशोक को भेजा ।
एथिनियस के अनुसार बिंदुसार ने सीरिया के शासक एंटियोक्स से मदिरा, सुखे अंजीर एवं एक दार्शनिक भेजने की प्रार्थना की थी।
बौद्ध विद्वान तारानाथ ने बिंदुसार को 16 राज्यों का विजेता बताया।
तारानाथ बिंदुसार के समकालीन थे।

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