Category Archives: हिंदी व्याकरण

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द anek shabdo ke liye ek shabd

anek shabdo ke liye ek shabd (1) वह स्त्री  जिसका पति परदेश से लौटा हो- आगतपतिका (2) वह स्त्री जिसका पति आने वाला हो-आगमिस्य्तपतिका (3) किसी बात पर बार -बार जोर देना-आग्रह (4) वह जो अपने आचार से पवित्र है-आचारपूत (5) समाजिक  एवं प्रशासनिक अनुशासन की क्रूरता से उत्पन्न स्तिथि-आतंक (6) अपने प्राण आप लेने… Read More »

Agyey ka jeevan parichay. अज्ञेय का जीवन परिचय

Agyey ka jeevan parichay- जीवन परिचय- अज्ञेय जी का जन्म 1911 ई में करतारपुर (जालंधर) में हुआ था। इनके पिता पं हीरानंद शास्त्री भारत के प्रसिद्ध पुरातत्ववेत्ता थे। ये वत्व गोत्र और सारस्वत ब्राम्हण परिवार के थे। संकीर्ण जातिवाद के ऊपर उठकर वत्स गोत्र के नाम से वात्स्यायन कहलाये। अज्ञेय जी का शैशव अपने पिता… Read More »

Surdas ka jeevan parichay. सूरदास का जीवन परिचय

Surdas ka jeevan parichay- जीवन परिचय- सूरदास जी का जन्म 1478ई. (वैशाख शुक्ल पंचमी,सन् 1535विo) में आगरा -मथुरा मार्ग पर स्थित रुनकता नामक ग्राम में हुआ था| कुछ विद्वान् दिल्ली के निकट’सीही’ ग्राम को भी इनका जन्म – स्थान मानते हैं| सूरदास जी जन्मान्ध थे, इस विषय में भी विद्वानों में मतभेद हैं| इन्होंने कृष्ण… Read More »

Ramnaresh Tripathi ka jeevan parichay. रामनरेश त्रिपाठी का जीवन परिचय

जीवन परिचय- हिंदी – साहित्य के विख्यात कवि रामनरेश त्रिपाठी का जन्म 1889 ई. में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के कोइरीपुर ग्राम के एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था| इनके पिता पंo रामदत्त त्रिपाठी एक आस्तिक ब्राह्मण थे | इन्होंने नवीं कक्षा तक स्कूल में पढ़ाई की तथा बाद में स्वतन्त्र अध्ययन और… Read More »

Chhayavaad छायावाद युगीन रचना एवं रचनाकार

उर्वशी, वनमिलन, प्रेमराज्य, अयोध्या का उद्धार, शोकोच्छवास, बभ्रुवाहन, कानन कुसुम, प्रेम पथिक, करुणालय, महाराणा का महत्व, झरना, आशु, लहर, कामायनी (केवल झरना से लेकर कामायनी तक छायावादी कविता है) –जय शंकर प्रसाद अनामिका, परिमल, गीतिका, तुलसीदास, सरोज स्मृति (कविता), राम की शक्ति पूजा (कविता),-   सूर्यकांत त्रिपाठी निराला उच्छवास, ग्रंथि, वीणा, पल्लव, गुंजन (छायावाद युगीन)… Read More »

Dwivedi Yug द्विवेदी युगीन रचना एवं रचनाकार

01. अनुराग रत्न, शंकर सरोज, गर्भ रंडा रहस्य, शंकर सर्वस्व –नाथूराम शर्मा ‘शंकर’ 02. वनाष्टक, काश्मीर सुषमा, देहरादून, भारत गीत, जार्ज वंदना, बाल-विधवा- श्रीधर पाठक 03. काव्य मंजूषा, सुमन, कान्यकुब्ज, अबला-विलाप – महावीर प्रसाद द्विवेदी 04. प्रियप्रवास, पद्य प्रसून, चुभते चौपदे, चोखे चौपदे, बोलचाल, रसकलस, वैदेही वनवास- हरिऔध 05. स्वदेशी कुंडल, मृत्युंजय, राम-रावण विरोध, वसंत… Read More »

Bhartendu Yug भारतेंदु युगीन रचना एवं रचनाकार

रचना –                          रचनाकार 01. प्रेम-मालिका, प्रेम सरोवर, गीत गोविंदानंद, वर्षा-विनोद, विनय-प्रेम पचासा, प्रेम-फुलवारी, वेणुगीत, दसरथ विलाप, फूलों का गुच्छा (खड़ी बोली में)-भारतेंदु हरिश्चंद्र 02. जिर्ण जनपद, आनंद अरुणोदय, हार्दिक हर्षदर्श, मयंक महिमा, अलौकीक लीला, बदरी, वर्षा-बिंदु, लालित्य लहरी, बृजचंद पंचक – बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ 03. प्रेम पुष्पावली, मन की लहर, लोकोक्ति शतक, तृप्यन्ताम्, श्रृंगार विलास,… Read More »