Computer Architecture in hindi कम्प्यूटर आर्किटेक्चर

By | June 16, 2016

Computer Architecture in hindi कंप्यूटर आर्किटेक्चर
कंप्यूटर के प्रमुख तीन भाग होते हैं, जो निम्नलिखत है –
1. इनपुट यूनिट / आउटपुट यूनिट
2. सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट
3. मेमोरी यूनिट

इनपुट यूनिट / आउटपुट यूनिट
इनपुट यूनिट में कंप्यूटर हार्डवेयर होते हैं जो डाटा को कंप्यूटर में भेजते हैं | बिना इनपुट यूनिट के कंप्यूटर Tv की तरह दिखने वाला एक ऐसा डिस्प्ले हो जाता है जिससे उपयोगकर्ता कोई कार्य नहीं कर सकता |
आउटपुट यूनिट डाटा तथा निर्देशों को परिणाम के रूप में प्रदर्शित करने के लिए जिन यूनिट्स का उपयोग किया जाता है, उन्हें आउटपुट यूनिट कहते हैं |
आउटपुट यूनिट का कार्य यह है की वह कंप्यूटर से प्राप्त होने वाले परिणामो को जो बाइनरी कोड में होते हैं उसे हमारी भाषा में परिवर्तित कर के प्रदर्शित करता है |

सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट
CPU की प्रोसेसिंग यूनिट और कंप्यूटर का वह भाग होता है जिसमे Arithmetic and Logical Operations होते हैं तथा निर्देश डिकोड और एक्जिक्यूट किये जाते हैं |
CPU को कंप्यूटर का मस्तिष्क कहा जाता है | माइक्रो कंप्यूटर के सीपीयू को माइक्रोप्रोसेसर कहा जाता है |

मेमोरी यूनिट
मेमोरी कंप्यूटर का वह भाग है जो डाटा तथा निर्देशों को संगृहीत करती है | कंप्यूटर की मेमोरी आधुनिक कंप्यूटर के मूल कार्यों में से एक अर्थात सुचना भंडारण की सुविधा प्रदान करती है | यह कंप्यूटर के सीपीयू का एक भाग होती है और इससे मिलकर सम्पूर्ण कंप्यूटर बनता है |
मेमोरी यूनिट के दो भाग होते हैं
प्राथमिक मेमोरी २ सेकेंडरी मेमोरी
प्राथमिक मेमोरी
इसे आंतरिक या मुख्य मेमोरी भी कहते हैं | यह सीपीयू  से सीधे जुड़ा रहता है | इसका अर्थ है की CPU इसमें स्टोर किये गये निर्देशों को लगातार पढ़ता रहता है और इनका पालन करता है |
प्राइमरी मेमोरी दो प्रकार की होती है
1 RAM रैंडम एक्सेस मेमोरी
यह मेमोरी एक चिप पर होती है , जो मैटल-आक्साइड सेमीकंडक्टर से बनी होती है | हम इस मेमोरी के किसी भी लोकेशन को चुनकर उसका सीधे ही किसी डाटा को स्टोर करने या उनमे से डाटा पढने के लिए कर सकते हैं | रैम में वे प्रोग्राम और डाटा रखे जाते हैं , जिनको सीपीयू खोज सके और वहां से प्राप्त कर सके | इस मेमोरी को भी कई भागों में बांटा जाता है , ताकि उसमे रखी गई सुचना को व्यवस्थित किया जा सके और उन्हें पाया जा सके | ऐसे प्रत्येक भाग का एक निश्चित पता होता है | किसी डाटा बस की सहायता से हम रैम से किसी सुचना को निकाल सकते हैं या  इसमें कोई सुचना स्टोर कर सकते हैं |
2 ROM रीड ओनली मेमोरी
यह वह मेमोरी है जिसमे डाटा पहले से भरा जा चूका होता है और जिसे हम केवल पढ़ सकते हैं | हम उसे हटा या बदल नहीं सकते | वास्तव में रोम चिप बनाते समय ही उसमे कुछ आवशयक प्रोग्राम और डाटा लिख दिए जाते हैं जो स्थायी होते हैं | जब कंप्यूटर की बिजली बंद कर दी जाती है , तब भी रोम चिप में भरी हुई सूचनाएं बनी रहती हैं |
सेकेंडरी मेमोरी
इस प्रकार की मेमोरी सीपीयू लगी रहती है इसलिए इसे बाह्य(external) मेमोरी भी कहा जाता है | कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी बहुत महँगी होने या बिजली बंद कर देने पर उसमे रखी अधिकतर सूचनाएं नष्ट हो जाने की इसी कमी के कारण सेकेंडरी मेमोरी की उपयोगिता बढ़ जाती है |
इसके उदारहण है सीडी ड्राइव , फ्लैश ड्राइव , यूएसबी मेमोरी आदि |
बस (bus)-
सीपीयू डेटा, निर्देस तथा सूचना को कंप्यूटर के विभिन्न अवयवो तथा पैरोफैरल डिवाइसेज को भेजता है | इस आवागमन के लिए विभिन्न बसे प्रयोग की जाती है | कंप्यूटर में अनेक बसे होती है दुसरे शब्दों में , एक बस कुछ ऐसे तारो या कनेक्शनो का संग्रह होती है जिनसे होकर सिंग्नल एक उपकरणों से दुसरे उपकरणों तक भेज जाते है | वास्तव में , बस एक संप्रेषण माध्यम है |
बस के प्रकार
किसी कंप्यूटर में अनेक बसे होती , जिन्हें दो भागो में बाटा जाता है
1.आंतरिक बस –
मदरबोर्ड के आंतरिक अवयवो को जोड़ती है ; जैसे – सीपीयू एवं सिस्टम मेमोरी | इसे सिस्टम बस भीं कहते है ; जैसे कट्रोल बस ; एड्रेस बस आदि |
मेमोरी तथा इनपुट /आउटपुट डिवाइसेज को दिएँ जाने वाले विभिन्न निर्देस कंट्रोल बस द्वारा ले जाए जाते है |
इनपुट / आउटपुट डीवाईसेस या मेमोरी के एड्रेस बस द्वारा ले जाए जाते है | डेटा को स्थानान्तरित करने वाली बस को डेटा बस कहते है |
2. बाह्य बस –
बिभिन्न बाहरी अवयवो को जोड़ती है ; जैसे – पेरिफैरल्स ;पोटर्स ;एक्सपेन्सन स्लाट्स आदि |

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इन्हें भी जाने
1.मशीन साइकिल- ये वह समय है जो दो आपरेंड को रजिस्टर्स से रजिस्टर्स से लाकर उन पर एएलयू आपरशन करके प्राप्त परिणाम को वापस रजिस्टर में स्टोर करने में प्रयोग होता है |
2.बफर- यह अक अस्थाई स्टोरेज क्षेत्र है ; जो की रैम में होता है |इसमें डेटा को एक जगह से दूसरी जगह स्थानान्तरित करने के लिए रखा जाता है कंप्यूटर में जब डेटा डालते है तो वह सबसे पहले बफर में ही स्टोर होता है |
3. किसी कंप्यूटर के कार्य निष्पादन करने की क्षमता उसके रजिस्टर्स ;रैम तथा कैस मेमोरी के आकार तथा सिस्टम क्लाक की गति पर निर्भर करती है
4. मदरबोर्ड पर चिप के कनेक्टिंग पोइंट्स को साकेट्स कहते है |
5. किसी डिजिटल कंप्यूटर की कंट्रोल यूनिट को ब्लाक कहते है |
6. इंस्ट्रक्शन कोड बिट्स का एक ऐसा समूह होता है जो कंप्यूटर को किसी विशेस कार्य को करने को कहता है
7. एक युक्ती द्वारा डेटा एव निर्देस को लोकेट करने तथा उसे तक पहुचाने में लिए गए समय को प्रोसेसिग चक्र कहते है |

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