Computer ka introduction in hindi कम्प्यूटर का परिचय

By | June 16, 2016

कम्प्यूटर शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के computere शब्द से हुई है | परन्तु कुछ विशेषज्ञों का मानना है की कम्प्यूटर शब्द की इत्प्पत्ति compute से हुई है | सामान्यतः दोनों शब्दों का अर्थ गणना करना है |
c- Commonly
o- Operated
M-Machine
P-particularly
U-used for
T-technical
E-education and
R-research
अतः कम्प्यूटर का तात्पर्य एक ऐसे यंत्र से है जिसका उपयोग गणना प्रक्रिया यांत्रिकी अनुसन्धान शोध आदि कार्यों ने किया जाता था | कम्प्यूटर हार्डवेयर और साफ्टवेयर का संयोजन है जो डाटा को सुचना(information) में बदलता है |
कम्प्यूटर से सम्बंधित शब्द
हार्डवेयर कम्प्यूटर के सभी भाग जिन्हें हम हाथों से छु सकते हैं एवं देख भी सकते हैं उन्हें हार्डवेयर कहते हैं | यांत्रिक विधुत तथा इलेक्ट्रानिक भाग कम्प्यूटर के हार्डवेयर, मदर बोर्ड, की बोर्ड, मानिटर, माउस, प्रिंटर आदि होते हैं |
साफ्टवेयर एक निश्चित कार्य को सम्पन्न करने के लिए निर्देशों का स्मोह प्रोग्राम या साफ्टवेयर प्रोग्राम कहलाता है | प्रोग्राम कंप्यूटर को इनपुट क्रियाओं डाटा की प्रक्रिया और परिमाणों को दर्शने को निर्देश देता है  जैसे नोटपैड, एम् एस ऑफिस, गेम आदि
डाटा डाटा तथ्यों और अव्यवस्थित आंकड़ो का समूह है | डाटा को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है
1 संख्यात्मक डाटा इसमें 0 से 9 तक के अंको का प्रयोग किया जाता है जैसे परीक्षा में प्राप्त अंक रोल नम्बर आदि
2 चिन्हात्मक डाटा इसमें अंकों अक्षरों तथा चिन्हों का प्रयोग किया जाट हैं जैसे कर्मचारियों का पता पैन कार्ड नम्बर आदि |
प्रोसेसिंग डाटा पर की जाने वाली इन क्रियाओं को जनसे सुचना प्राप्त होती है प्रोसेसिंग कहा जाता है | डाटा प्रोसेसिंग का मुख्य लक्ष्य अव्यवस्थित डाटा से व्यवस्थित डाटा प्राप्त करना है जिसका उपयोग निर्णय लेने के लिए होता है |
सूचना जब डाटा को उपयोगी बनाने के लिए  इसे व्यवस्थित , संगठित और संचरित किया जाता है , तो प्राप्त डाटा सुचना कहलाता है |
कम्प्यूटर प्रणाली की कार्य पद्धति
कम्प्यूटर के द्वारा निम्न चार प्रकार के कार्य किये जा सकते हैं –
1. इनपुट (input)- कम्प्यूटर में डाटा या सुचना को भेजना, इनपुट कहा जाता है | यह सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central processing Unit) के लिए डाटा और निर्देश भेजता है |
2. प्रोसेसिंग( processing)- सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट कम्प्यूटर के निर्देशों को एक्जिक्यूट करता है |
3. आउटपुट(output)- यह उपयोगकर्ता को संसाधित डाटा उपलब्ध कराता है |
4. स्टोरेज(storage)- यह डाटा और प्रोग्राम को स्थायी रूप से स्टोर करते हैं |
कम्प्यूटर की विशेताएँ (features of computer)-
कम्प्यूटर की विशेषताएं निम्नलिखित हैं-
1. गति(speed)- कम्प्यूटर एक सेकेण्ड में लाखों गणनाएं करता है | वर्तमान में कम्प्यूटर नैनो सेकेण्ड (10 -8) सेकेण्ड में भी गणनाएं कर सकता है |
2. त्रुटी रहित कार्य(Accuracy)- कम्प्यूटर कठिन से कठिन प्रश्न का बिना किसी त्रुटी (Error) के परिणाम के निकाल देता है | गणना के दौरान अगर कोई त्रुटी पाई भी जाती है तो वह प्रोग्राम या डाटा में मानवीय गलतियों के कारण होती है |
3. भंडारण क्षमता(storage Capacity)- कम्प्यूटर अपनी मेमोरी में सूचनाओं का विशाल भंडार संचित कर सकता है | इसमें अथाह आंकड़ो और प्रोग्रामों के भंडारण की क्षमता होती है | कम्प्यूटर में बाह्य और आंतरिक storage device के मध्यम से ( हार्ड डिस्क, फ्लोपी डिस्क, मैग्नेटिक टेप, सीडी रोम ) आदि में असीमित डाटा और सुचना को store किया जा सकता है |
4. बहूद्द्शीय(versatile)- कप्यूटर की सहायता से विभिन्न प्रकार के कार्य संपन्न किये जा सकते हैं | आधुनिक कम्प्यूटरों में, अलग-अलग प्रकार के कार्य एक साथ करने की क्षमता है |
5. गोपनीयता(Secrecy)- पासवर्ड के प्रयोग द्वारा कम्प्यूटर को गोपनीय बनाया जा सकता है |
6. स्वचालन(Automatic)- कम्प्यूटर एक स्वचालित मशीन है जिसमें गणना के दौरान मानवीय हस्तक्षेप की सम्भावना नगण्य होती है | हालाँकि कम्प्यूटर को कार्य करने के लिए निर्देश मनुष्य क द्वारा ही दिए जाते हैं |
कम्प्यूटर की पीढ़ियाँ-
प्रथम 1940-56 —-इसमें वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया गया था। स्टोरेज के लिए मैग्नेटिक ड्रम का प्रयोग किया गया। इसकी गति 333 माइक्रो सेकेण्ड के आसपास थी। इसमें बैच आपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग होता था। इसकी भाषा मशीनरी भाषा (1और0) थी। इसका प्रयोग मुख्यतः वैज्ञानिक किया करते थे। इसकी विशेषता मुख्यभंडारण क्षमता थी।उदारहण- ENIAC, UNIVAC, MARK-1 आदि।
द्वितीय 1956-63—– इसमें ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया गया था। स्टोरेज के लिए मैग्नेटिक कोर टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया। इसकी गति 10 माइक्रो सेकेण्ड के आसपास थी। इसमें मल्टी बैग, रिमेनिंग, और टाइम शेयरिंग आपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग होता था। इसकी भाषा एसेम्बली भाषा, उच्च स्तरीय भाषा थी। इसका उपयोग व्यापक रूप से व्यवसाय में किया गया।
तृतीय पीढ़ी 1964-71 ——-इसमें इंटीग्रेटेड सर्किट(IC) का प्रयोग किया गया था। स्टोरेज के लिए मैग्नेटिक कोर का प्रयोग किया गया। इसकी गति 100 नैनो सेकेण्ड के आसपास थी। इसमें रियल टाइम / टाइम शेयरिंग आपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग होता था। भाषा में फोरट्रान , कोबोल आदि का प्रयोग किया गया। इसमें चुम्बकीय कोर और सॉलिड स्टेट मुख्य भंडारण के रूप में उपयोग हुआ। रिमोट प्रोसेसिंग, इनपुट आउटपुट में नियंत्रण के लिए सॉफ्टवेयर का प्रयोग हुआ।इसका उपयोग डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम, ऑनलाइन सिस्टम, रिजर्वेशन सिस्टम आदि में होने लगा।उदाहरण-IBM SYSTEM/360, NCR 395, B6500
चतुर्थ पीढ़ी 1971-अब तक——इसमें बड़े पैमाने पर इंटीग्रेटेड सर्किट/ माइक्रो प्रोसेसर का प्रयोग किया गया। स्टोरेज के लिए सेमीकंडक्टर मेमोरी, विचेस्टर डिस्क का प्रयोग किया गया। इसकी गति 300 नैनो सेकेण्ड के आसपास थी। इसमें टाइम शेयरिंग नेटवर्क्स, विंडोज, लिनक्स आदि आपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग होता था। भाषा में फॉरट्रान 77, पास्कल,एडीए, कोबोल 74 भाषा का व्यापक प्रयोग हुआ। इसका उपयोग इलेक्ट्रानिक फंड ट्रान्सफर, व्यावसायिक उत्पादन और व्यक्तिगत उपयोग बहुत ज्यादा होने लगा है।उदाहरण- IBM, PC-XT, APPLE-2, INTEL 4004 CHIP
पंचम पीढ़ी वर्तमान से आगे——इस पीढ़ी के कंप्यूटर में सबसे बड़े पैमाने पर इंटीग्रेटेड सर्किट का प्रयोग हुआ। स्टोरेज के लिए ऑप्टिकल डिस्क का प्रयोग होने लगा। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस इस पीढ़ीकी मुख्य विशेषता है। इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट नैचुरल लैन्वेज, प्रोसेसिंग स्पीच कैरेक्टर, इमेज रिकॉग्निशन आदि से इसका उपयोग बढ़ा है।

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इन्हें भी जाने चार्ल्स बैवेज को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है |
२ दिसम्बर को प्रतिवर्ष कंप्यूटर साक्षरता दिवस के रूप में मनाया जाता है |
आधुनिक कंप्यूटर का जनक एलन ट्यूरिंग की कहा जाता है |
पहला कंप्यूटर आर्किटेक्चर जॉन वान न्यूमैन द्वारा १९४८ में प्रस्तुत किया गया |
सिद्धार्थ भारत में निर्मित पहला पर्सनल कंप्यूटर है |
एडसैक वह प्रारंभिक ब्रिटिश कंप्यूटर था , जो डिजिटल संगृहीत प्रोग्राम पर आधारित था|
डिजिटल घडी में माइक्रो कंप्यूटर पाया जाता है |
सर्वप्रथम पंचकार्ड का प्रयोग जोसेफ मेरी ने किया था |
इंटिग्रेटेड सर्किट अर्धचालक पदार्थ सिलिकन या जर्मेनियम के बने होते हैं |
विश्व का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर IBM का ब्लू जीन है |
भारत का सबसे तेज कंप्यूटर एका है |
एक छोटे सिलिकान चिप पर ट्रांसिस्टर और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों के साथ पूर्ण इलेक्ट्रानिक सर्किट को इंटिग्रेटेड सर्किट कहते हैं |

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