computer ka vargikaran कम्प्यूटर का वर्गीकरण

By | May 13, 2016

कंप्यूटर का वर्गीकरण (Classification of computer)-

कंप्यूटर को उनकी रुपरेखा कामकाज उद्देश्य के आधार पर विभिन्न वर्गों में विभाजित किया जा सकता है | जो निम्न है –
आकार के आधार पर- आकार के आधार पर कम्प्यूटर पांच प्रकार के होते हैं-

(A) माइक्रो कम्प्यूटर –

ये कम्प्यूटर इतने छोटे होते हैं की इन्हें डेस्क पर सरलतापूर्वक रखा जा सकता है | इन्हें computer on a chip भी कहा जाता है | आधुनिक युग में माइक्रो कम्प्यूटर फोन के आकार , पुस्तक के आकार तथा घडी के आकार तक उपलब्ध है | इनकी क्षमता लगभग 1 लाख संक्रियाए प्रति सेकेण्ड होती हैं | इन कम्प्यूटरों का उपयोग मुख्यतः व्यवसाय तथा चिकित्सा के क्षेत्र में किया जाता है | इसके उदाहरण है – IMAC, IBM, PS/2, APPLE MAC आदि |
माइक्रो कम्प्यूटर भी कई प्रकार के होते हैं –
(i) डेस्कटॉप कम्प्यूटर – यह पर्सनल कम्प्यूटर का सनसे ज्यादा उपयोग होने वाला रूप है | इस तथ्य के बावजूद की pc को छोटा करके आज लैपटॉप और पामटॉप का आकार दे दिया गया है फिर भी घरो और व्यापारिक स्थानों पर ज्यादातर डेस्कटॉप ही उपयोग किये जाते हैं क्योकि ये ज्यादा सस्ते टिकाऊ और ज्यादा चलने वाले होते हैं |
(ii) लैपटॉप – कुछ वर्षों में माइक्रो कम्प्यूटर को इतना छोटा कर दिया गया है की इसे कहीं भी आसानी से बैग में भरकर ले जाया जा सकता है और साधारण व्यक्ति भी उनकी खरीद सकता है | ऐसे कम्प्यूटर को लैपटॉप कहा जाता है | लैपटॉप को कभी कभी नोटबुक भी कहा जाता है | उदहारण – DELL, APPLE , HCL, HP, IBALL, COMPAC, के लैपटॉप |
(iii) पामटॉप – यह लैपटॉप की तरह पोर्टेबल पर्सनल कम्प्यूटर है | यह लैपटॉप से भी हलका और छोटा होता है |
(iv) टैबलेट – टैबलेट और लैपटॉप एक तरह से समान है परन्तु टैबलेट PC नोटबुक कम्प्यूटर से ज्यादा सुविधाजनक है | ये दोनों ही पोर्टेबल हैं परन्तु साफ्टवेयर, स्क्रीन आदि की विभिन्नता से दोनों में अंतर है | टैबलेट PC स्क्रीन पर आप बिना की-बोर्ड की सहायता से लिख सकते हैं|
(v) पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट (PDA)- या डिजिटल डायरी भी एक प्रकार का कम्प्यूटर है लेकिन यह सभी कार्य नहीं कर सकता | यह मुख्यतः छोटे आंकड़ो और सूचनाओं जैसे – फोन नम्बर, इमेल, पता, आदि को स्टोर कर सकता है |
(vi) वर्कस्टेशन – यह इंजीनियरिंग, तकनीकी, और ग्राफिक्स के कार्यों में ज्यादा प्रयोग किया जाता है |

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(B) मिनी कम्प्यूटर –

माध्यम आकार के इन कम्प्यूटरों की कार्यक्षमता तथा कीमत दोनों ही माइक्रो कम्प्यूटर की तुलना में अधिक होती है जिस कारण ये व्यक्तिगत प्रयोग में नहीं लाये जाते हैं | इस प्रकार के कम्प्यूटर पर एक या एक से अधिक व्यक्ति एक समय में एक से अधिक कार्य कर सकते हैं | इनका उपयोग प्रायः छोटी या मध्यम आकार की कम्पनियाँ करती हैं | मिनी कम्प्यूटर की गति 10 से 30 MIPS (mega instruction per second ) होती है | इसके उदहारण – HP 9000, RISC 6000, BULL HN-DPX2 और AS 400 आदि |

(C) मेनफ्रेम कम्प्यूटर –

आकार के अत्यधिक बड़े ये कम्प्यूटर कार्यक्षमता और कीमत में भी मिनी कम्प्यूटर तथा माइक्रो कम्प्यूटर से अधिक होते हैं | अतः बड़ी कम्पनियों तथा बैंक या सरकारी विभागों में केन्द्रीय कम्प्यूटर के रूप में इनका प्रयोग होता है | मेनफ्रेम कम्प्यूटर को एक्सेस करने के लिए उपभोक्ता प्रायः नोड का उपयोग करते है| अधिकतर कम्पनियों में मेनफ्रेम कम्प्यूटर का उपयोग भुगतान का ब्योरा रखने , बिलों को भेजने , कर्मचरियों का भुगतान करने आदि का कार्य किया जाता है | इसके उदहारण हैं – CRAY-1, CDS-CYBER, IBM 4381, ICL 39, UNIVAC-1110 आदि |

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(D) सुपर कम्प्यूटर –

सुपर कम्प्यूटर सर्वाधिक गति, संग्रह क्षमता, एवं उच्च विस्तार वाले होते हैं | इनका आकार एक सामान्य कमरे के बराबर होता है | विश्व का प्रथम सुपर कम्पुटर ‘क्रे रिसर्च कम्पनी ‘ द्वारा 1976 में विकसित CRAY-1 था | भारत के पास भी एक सुपर कम्प्यूटर है जिसका नाम परम (PARAM) है, इसका विकास
C-DAC ने किया है | इसका विकसित रूप PARAM-10000 भी तैयार कर लिया गया है | सुपर कम्प्यूटर का मुख्य उपयोग मौसम की भविष्यवाणी करने, एनिमेशन तथा चलचित्र का निर्माण करने , अन्तरिक्ष यात्रा के लिए अन्तरिक्ष यात्रियों को अन्तरिक्ष में भेजने, बड़ी वैज्ञानिक और शोध प्रयोशाला में शोध व खोज करने इत्यादि कार्यों में किया जाता है | इसके उदहारण हैं- PARAM, PARAM-10000, CRAY-1, CRAY-2, NEC-500 आदि |

अनुप्रयोग के आधार पर –

1. एनालोग कम्प्यूटर –
भौतिक मात्राओं जैसे- दाब, तापमान, लम्बाई, इत्यादि को मापकर उनके परिणामो को अंको में प्रस्तुत करने के लिए एनालोग कक्म्प्युटर का उपयोग किया जाता है क्योंकि ये कम्प्यूटर मात्राओं को अंकों में प्रस्तुत करते हैं, इसलिए इनका उपयोग विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्र में अधिक किया जाता है | इसके उदाहरण है – स्पीडोमीटर, भूकंप सूचक यंत्र आदि |
2. डिजिटल कम्प्यूटर – अंकों की गणना करने के लिए डिजिटल कम्प्यूटर का उपयोग किया जाता है | आधुनिक युग में प्रयुक्त अधिकतर कम्प्यूटर डिजिटल कम्प्यूटर की श्रेणी में ही आते हैं | ये इनपुट किये गये डेटा और प्रोग्राम्स को 0 और 1 में परिवर्तित करके इन्हें इलेक्ट्रानिक रूप में प्रस्तुत करते हैं | डिजिटल कम्प्यूटर का उपयोग व्यापार में, घर के बजट, एनीमेशन के क्षेत्र में विस्तृत रूप से किया जाता है | उदहारण – डेस्कटॉप, लैपटॉप आदि |
3. हाइब्रिड कम्प्यूटर – हाइब्रिड कम्प्यूटर उन कम्प्यूटरों को कहा जाता है, जिसमे एनालोग और डिजिटल दोनों ही कम्प्यूटर के गुण होते हैं | इसके द्वारा भौतिक मात्राओं को अंकों में परिवर्तित करके उसे डिजिटल रूप में ले आते हैं | चिकित्सा के क्षेत्र में इसका उपयोग सर्वाधिक होता है | उदहारण – ECG और DIALYSIS मशीन |

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