Computer Network in hindi कम्प्यूटर नेटवर्क

By | June 29, 2016

Computer Network in hindi

कंप्यूटर नेटवर्क ( computer network)
कोई नेटवर्क एक से अधिक बिंदुओं वस्तुओं या व्यक्तियों को आपस में इस प्रकार जोड़ता है कि उनमें से प्रत्येक किसी दूसरे के साथ सीधा संबंध बना सके | प्रत्येक नेटवर्क का एक निश्चित उद्देश्य होता है | कंप्यूटर नेटवर्क से हमारा तात्पर्य आसपास या दूर बिखरे हुए कंप्यूटरों को इस प्रकार जोड़ने से है कि उनमें से प्रत्येक कंप्यूटर किसी दूसरे कंप्यूटर के साथ स्वतंत्र रूप से संपर्क बनाकर सूचनाओं या संदेशों का आदान प्रदान कर सके और एक दूसरे के साधनों या सुविधाओं को साझा कर सके | दूसरे शब्दों में सूचनाओं या अन्य संसाधनों के परस्पर आदान-प्रदान एवं साझेदारी के लिए दो या दो से अधिक कंप्यूटरों का परस्पर जुड़ाव कंप्यूटर नेटवर्क कहलाता है | कंप्यूटर नेटवर्क के अंतर्गत संसाधनों एवं संयंत्रों की परस्पर साझेदारी होती है जिससे डाटा तथा सूचनाएं एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में समान रुप से पहुंचती है | कंप्यूटर नेटवर्क एक कंपनी अथवा एक अधिक भवनों, एक कमरे तथा शहर के मध्य स्थापित किए जा सकते हैं |
कंप्यूटर नेटवर्क के प्रकार (types of netwoerk)
नेटवर्क को उनके कंप्यूटरों की भौगोलिक स्थिति के अनुसार मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा जाता है –
लोकल एरिया नेटवर्क ( local area network )
ऐसे नेटवर्क के सभी कंप्यूटर एक सीमित क्षेत्र में स्थित होते हैं | यह क्षेत्र लगभग 1 किलोमीटर की सीमा में होना चाहिए जैसे- कोई बड़ी बिल्डिंग या उनका एक समूह | लोकल एरिया नेटवर्क में जोड़े गए उपकरणों की संख्या अलग अलग हो सकती है | इन उपकरणों को किसी संचार के बल द्वारा जोड़ा जाता है | लोकल एरिया नेटवर्क के द्वारा कोई संगठन अपने कंप्यूटरों टर्मिनल और कार्य स्थलों तथा अन्य बाहरी उपकरणों को एक दक्ष विधि से जोड़ सकता है ताकि वह आपस में सूचनाओं का आदान प्रदान कर सके तथा सब को सभी साधनों का लाभ मिल सके |
वाइड एरिया नेटवर्क ( wide area network )
वाइड एरिया नेटवर्क से जुड़े हुए कंप्यूटर तथा उपकरण एक दूसरे से हजारों किलोमीटर की भौगोलिक दूरी पर भी स्थित हो सकते हैं | उनका कार्यक्षेत्र कई महादीपो तक फैला हो सकता है | यह एक बड़े आकार का डाटा नेटवर्क होता है | इसमें डाटा के संचरण की दर लोकल एरिया नेटवर्क की तुलना में कम होती है | अधिक दूरी के कारण प्रायः इसमें  संचार उपग्रहों का प्रयोग संदेश आगे भेजने वाले सुनो की तरह किया जाता है| माइक्रोवेव नेटवर्क दो रिले टावरों के बीच आवाज या डाटा को रेडियो तरंगों के रुप में भेजते हैं | प्रत्येक टॉवर इस संदेश को प्राप्त करके एंपलीफायर करता है और फिर आगे भेज देता है| विश्वव्यापी डाटा कम्युनिकेशन नेटवर्क का महत्व दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है | यह आजकल के वित्तीय जगत शेयर मार्केट, बैंक, वित्तीय संस्थाओं आदि के लिए अनिवार्य हो गए हैं|
मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क ( metropolitan area network )
जब बहुत सारे लोकल एरिया नेटवर्क किसी नगर या शहर के अंदर एक दूसरे से जुड़े रहते हैं | तो इस प्रकार के नेटवर्क को मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क कहा जाता है | इसे संक्षेप में मैन भी कहते हैं| इसकी गति 10 से 100 एमबीपीएस होती है | यह काफी महंगे नेटवर्क होते हैं, जो फाइबर ऑप्टिक केबल से जुड़े होते हैं| यह टेलीफोन या केबल ऑपरेटर और माइक्रोवेव लिंक द्वारा प्रदान किए जाते हैं|
नेटवर्क टोपोलॉजी (network topology )
कंप्यूटर नेटवर्क में कंप्यूटरों को आपस में जोड़ने के तरीके को टोपोलॉजी कहते हैं | किसी टोपोलॉजी के प्रत्येक कंप्यूटर नोट या लिंक स्टेशन कहलाते हैं| दूसरे शब्दों में टोपोलॉजी नेटवर्क में कंप्यूटरों को जोड़ने की भौगोलिक व्यवस्था होती है| इसके द्वारा विभिन्न कंप्यूटर एक दूसरे से परस्पर संपर्क स्थापित कर सकते हैं |
नेटवर्क टोपोलॉजी निम्नलिखित प्रकार की होती है-
बस टोपोलॉजी (bus topology )
इस टोपोलॉजी में एक लंबे केबल से डिवाइसेस जुड़ी होती है | यह नेटवर्क इंस्टालेशन छोटे अथवा अल्पकालीन ब्रॉडकास्ट के लिए होता है | इस प्रकार के नेटवर्क टोपोलॉजी का प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहां अत्यंत उच्च गति के कम्युनिकेशन चैनल का प्रयोग सीमित क्षेत्र में किया जाना है| परंतु यदि कम्युनिकेशन चैनल खराब हो जाए तो पूरा नेटवर्क खराब हो जाता है |
लाभ
1. इसमें नए नोड जोड़ना अथवा पुराने नोड हटाना बहुत आसान होता है
2. किसी एक कंप्यूटर के खराब होने पर संपूर्ण नेटवर्क प्रभावित नहीं होता परंतु इसमें खराब हुए नोट का पता लगाना बहुत कठिन है
3. इसकी लागत बहुत कम होती है
स्टार टोपोलॉजी (star topology )
इस टोपोलॉजी के अंतर्गत एक होस्ट कंप्यूटर होता है | इससे विभिन्न लोकल कंप्यूटरों को सीधे जोड़ा जाता है| या होस्ट कंप्यूटर हब कहलाता है | इस हब के फेल होने से पूरा नेटवर्क फेल हो सकता है|
लाभ
1. यदि कोई लोकल नोड कंप्यूटर खराब हो जाए, तो शेष नेटवर्क प्रभावित नहीं होता इस स्थिति में खराब हुए नोड कंप्यूटर का पता लगाना आसान होता है |
2. एक कंप्यूटर को होस्ट कंप्यूटर से जोड़ने में लागत कम आती है |
3. लोकल कंप्यूटर की संख्या बढ़ाने से नेटवर्क की सूचना के आदान प्रदान की छमता प्रभावित नहीं होती|
रिंग टोपोलॉजी (ring topology )
इस टोपोलॉजी में कोई हब एक लंबी केबल नहीं होती | सभी कंप्यूटर एक गोलाकार आकृति के रूप में केवल द्वारा जुड़े होते हैं | प्रत्येक कंप्यूटर अपने अधीनस्थ कंप्यूटर से जुड़ा होता है| इसमें किसी भी एक कंप्यूटर के खराब होने पर संपूर्ण बाधित होती है यह गोलाकार सर्कुलर नेटवर्क भी कहलाती है|
लाभ
1. इसमें छोटे की आवश्यकता होती है|
2.  यह ऑप्टिकल फाइबर में एक दिशा में डेटा के प्रवाह के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है |
मैश टोपोलॉजी ( mash topology )
इस टोपोलॉजी का प्रत्येक कंप्यूटर नेटवर्क में जुड़े अन्य सभी कंप्यूटरों से सीधे जुड़ा होता है| इसी कारण इससे पॉइंट टू पॉइंट नेटवर्क या कंप्लीटली कनेक्टेड नेटवर्क भी कहा जाता है | इसमें डाटा के आदान-प्रदान का प्रत्येक निर्णय कंप्यूटर स्वयं ही लेता है |
लाभ
1. यह टोपोलॉजी अधिक दूरी के नेटवर्क के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होती है |
2. इस टोपोलॉजी में किसी एक कंप्यूटर के खराब होने पर पूरा संचार बाधित नहीं होता है |
ट्री टोपोलॉजी ( tree topology )
इस टोपोलॉजी में एक नोड से दूसरे नोड तथा दूसरी नोड से तीसरी नोड किसी पेड़ की शाखाओं की तरह जुडी होती है | यही ट्री टोपोलॉजी कहलाती है| ट्री टोपोलॉजी स्टार टोपोलॉजी का ही विस्तृत रूप है | इस टोपोलॉजी में रूट नोड सर्वर की तरह कार्य करता है |
लाभ
1. इस टोपोलोजी में नेटवर्क को आसानी से बढ़ाया जा सकता है |
2. यह टोपोलॉजी पदानुक्रम डाटा के संचार के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है |
कंप्यूटर नेटवर्किंग मॉडल ( computer networking model )
कंप्यूटर नेटवर्क के मुख्यतः 2 मॉडल होते हैं –
पीयर टू पीयर नेटवर्क ( peer-to-peer network )
दो अथवा दो से अधिक ऐसे कंप्यूटरों का नेटवर्क जो आपस में कम्युनिकेशन के लिए एक जैसे प्रोग्राम का उपयोग करते हैं | इसे पियर-टू-पियर नेटवर्क भी कहा जाता है| इसमें डाटा (ऑडियो वीडियो आदि) का डिजिटल प्रारूप में आदान-प्रदान होता है| इस नेटवर्क में कंप्यूटर आपस में फाइलें ट्रांसफर करने के लिए यूनिवर्सल सीरियल बस से जुड़े होते हैं | इस नेटवर्क में सभी कंप्यूटर क्लाइंट तथा सर्वर दोनों की तरह कार्य करता है|
क्लाइंट सर्वर नेटवर्क ( client server network )
ऐसा नेटवर्क जिसमें एक कंप्यूटर सर्वर तथा बाकी कंप्यूटर क्लाइंट की तरह कार्य करें, क्लाइंट सर्वर नेटवर्क कहलाता है| क्लाइंट कंप्यूटर सर्वर से किसी सर्विस के लिए रिक्वेस्ट करता है तथा सर्वर उस रिक्वेस्ट के लिए उचित रिस्पांस देता है |
ओपन सिस्टम इंटरकनेक्शन ( open system interconnection )
यह कंप्यूटर नेटवर्क की डिजाइनिंग के लिए विकसित किया गया एक स्तरीय ढांचा है, जो कि सभी प्रकार के कंप्यूटरों में संचार के लिए अनुमति देता है | इसका विकास आई एस ओ (ISO) इंटरनेशनल स्टैंडर्ड आर्गेनाईजेशन के द्वारा दो कंप्यूटरों के मध्य होने वाले संचरण का मानकीकरण करने के लिए किया गया | आई एस ओ के द्वारा विकसित होने के कारण इसे ISO OSI रेफरेंस मॉडल भी कहा जाता है |

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