Devnagri lipi देवनागरी लिपि के बारे में

By | May 10, 2016

हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी लिपि है।
देवनागरी लिपि का विकास-
उचित ध्वनी संकेत की सहायता से भाव या विचार की अभिव्यक्ति ‘भाषा ‘ कहलाती है, जबकि लिखित वर्ण संकेतो की सहायता से भाव या विचार की अभिव्यक्ति लिपि भाषा श्रव्य होती है जबकि लिपि दृश्य |
भारत की सभी लिपियां ब्राम्ही लिपि से ही निकली है |
ब्राम्ही लिपि का प्रयोग वैदिक आर्यों ने शुरू किया |
ब्राम्ही लिपि का प्राचीनतम नमूना 5वी सदी BC का है जो कि वैदिककालीन है |
गुप्तकाल के आरंभ में ब्राम्ही के दो भेद हो गए उत्तरी ब्राम्ही व दक्षिणी ब्राम्ही | दक्षिणी ब्राम्ही से तमिल लिपि /कलिंग लिपि ,तेलगु –कन्नड़ लिपि ,ग्रन्थ लिपि (तमिलनाडु ),मलयालम लिपि (ग्रन्थ लिपि से विकसित ) का विकास हुआ |

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