विमायें Dimensions

By | July 2, 2016

विमायें किसे कहते हैं?
किसी भौतिक राशि के व्युत्पन्न मात्रक को मूल मात्रकों के जिन- जिन घातों द्वारा व्यक्त किया जाता है, उन घातांकों को उस राशि की विमायें कहते हैं।
जैसे- क्षेत्रफल के मात्रक को लम्बाई के मात्रक पर घात 2 लगाकर व्यक्त किया गया है। अतः क्षेत्रफल की विमा लम्बाई में 2 है।’
विमाओं के दृष्टिकोण से राशियाँ कितने प्रकार की होती हैं?’,’विमाओं के दृष्टिकोण से राशियाँ दो प्रकार  की होती हैं:-
(अ) विमायुक्त राशियाँ :- उन राशियों को जिनमें विमाएँ होती हैं, विमायुक्त राशियाँ कहते हैं। इसके दो प्रकार है:-

(1) विमायुक्त चर राशियाँ:- उन चर राशियों को जिनकी विमाएँ होती हैं, विमायुक्त चर कहते हैं। जैसे- त्वरण, वेग, बल आदि।

(2) विमायुक्त अचर राशियाँ:- उन अचर राशियों को जिनकी विमाएँ होती हैं, विमायुक्त अचर कहते हैं। जैसे- सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक, गैस नियतांक, प्रकाश का वेग आदि।
(ब) विमाहीन राशियाँ:- ऐसी राशियों को जिनकी कोई विमा नहीं होती, विमाहीन राशियाँ कहते हैं। शुद्ध अनुपात तथा शुद्ध संख्या की कोई विमा नहीं होती।

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इसके दो प्रकार हैं:-

(1) विमाहीन चर राशियाँ:- उन चर राशियों को जिनकी विमाएँ नहीं होती, विमाहीन चर राशियाँ कहते हैं। जैसे- विकृति, कोण, विशिष्ट गुरुत्व आदि।

(2) विमाहीन अचर राशियाँ:- उन अचर राशियों को जिनकी विमाएँ नहीं होती, विमाहीन अचर राशियाँ कहते हैं। जैसे- 1, 2, 3, π……आदि।’
विमीय समांगता का सिद्धांत क्या है?’,’इस सिद्धांत के अनुसार, किसी भी शुद्ध भौतिक समीकरण के दोनों पक्षों के पदों की विमायें सदैव समान होती हैं। इसका कारण यह है कि केवल उन्हीं भौतिक राशियों को ही जोड़ा या घटाया जा सकता है, जिनकी विमायें समान हैं।’
विमायी समीकरण के क्या- क्या उपयोग हैं?
विमीय समीकरण के निम्न उपयोग हैं:-
(1) भौतिक समीकरणों की शुद्धता की जाँच करना।
(2) भौतिक राशियों का पारस्परिक सम्बन्ध ज्ञात करना।
(3) एक पद्धति के मात्रकों को दूसरी पद्धति के मात्रकों में बदलना।
(4) किसी भौतिक राशि का मात्रक ज्ञात करना।’
मापन में क्या- क्या त्रुटियाँ होती हैं?
त्रुटियों के प्रकार―
(1) क्रमबद्ध त्रुटियाँ
(2) यादृच्छिक त्रुटियाँ
(3) सकल त्रुटियाँ

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क्रमबद्ध त्रुटियों के प्रकार:-
(1) यंत्रीय त्रुटियाँ
(2) बाह्य कारकों के कारण त्रुटियाँ
(3) अपूर्णता त्रुटियाँ
(4) व्यक्तिगत त्रुटियाँ

यंत्रीय त्रुटि के प्रकार:-
(1) शून्यांक त्रुटियाँ
(2) अनुमेय त्रुटियाँ
(3) अचर त्रुटियाँ

व्यक्त करने के दृष्टिकोण से त्रुटियों के प्रकार:-
(1) निरपेक्ष त्रुटियाँ
(2) आपेक्षित त्रुटियाँ
(3) प्रतिशत त्रुटियाँ’
S.I. पद्धति की इकाई क्या-क्या हैं?
S.I. पद्धति की इकाई निम्नलिखित हैं:-
1:-भार एवं बल = न्यूटन (M)
2:-चाल एवं वेग = मीटर/ सेकंड
3:- रेखीय वेग = मीटर/ सेकंड
4:- कोणीय वेग = रेडियन/सेकंड
5:- त्वरण = मीटर/ से.2
6:- लेंस की क्षमता = डाइआप्टर
7:- फोकस दूरी या फोकसांतर = मीटर
8:- शक्ति = जूल/ सेकंड या वाट
9:- कार्य = न्यूटन मीटर या जूल
10:- ऊर्जा = न्यूटन मीटर या जूल
11:- घनत्व = किलोग्राम/ घनमीटर
12:- आवेश = कूलम्ब ‘

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