Harivansh Rai Bachan ka jeevan parichay हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय

By | September 5, 2016

>>जीवन परिचय-  हरिवंशराय बच्चन का जन्म प्रयाग में 27 नवंबर, 1907ईस्वी में हुआ । उन्होंने काशी और प्रयाग में शिक्षा ग्रहण की । कैंब्रिज विश्वविद्यालय से इन्होंने डॉक्टरेट की । कुछ समय प्रयाग विश्वविद्यालय में अध्यापक रहे और फिर दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में कार्य किया और वही से अवकाश ग्रहण किया । बच्चन उत्तर छायावादी काल के आस्थावादी कवि थे । उनकी कविताओं में मानवीय भावनाओं की सामान्य एवं स्वाभाविक अभिव्यक्ति हुई है । सरलता, संगीतात्मकता, प्रवाह और मार्मिकता इन के काव्य की विशेषताएं हैं और इन्हीं से इनको इतनी अधिक लोकप्रियता प्राप्त हुई। 18 जनवरी सन 2003 ईसवी में बच्चन जी का निधन हो गया।
>> रचनाएं – आरंभ में बच्चन जी उमर खय्याम के जीवन दर्शन से बहुत प्रभावित रहे । इसी ने इनके जीवन को मस्ती से भर दिया । इनकी काव्य कृतियों में प्रमुख हैं -मधुशाला, निशा-निमंत्रण, प्रणय पत्रिका, मधुकलश, एकांत संगीत, सतरंगिणी, मिलन यामिनी, बुद्ध का नाचघर,  त्रिभंगिमा, आरती और अंगारे तथा जाल समेटा।  मधुशाला, मधुबाला, हाला और प्याला को इन्होंने प्रतीकों के रूप में स्वीकार किया । पहली पत्नी की मृत्यु के बाद घोर विषाद और निराशा ने इनके जीवन को घेर लिया । इनके स्वर हमको ‘निशा निमंत्रण’ और ‘एकांत संगीत’ में सुनने को मिलते हैं । इसी समय से इनके हृदय की गंभीर भित्तियों का विश्लेषण प्रारंभ हुआ किंतु ‘सतरंगीणी”  में फिर नीर का निर्माण किया गया और जीवन का प्याला एक बार फिर उल्लास और आनंद के आसव  से छलकने लगा । बच्चन वास्तव में व्यक्तिवादी कवि थे । ‘बंगाल का काल’ और इसी प्रकार की अन्य रचनाओं में उन्होंने अपने जीवन के बाहर विस्तृत जन जीवन पर भी दृष्टि डालने का प्रयत्न किया।  इन परवर्ती रचनाओं में कुछ नवीन विषय भी उठाए गए और कुछ अनुवाद भी प्रस्तुत किए गए । इनमें कवि की विचारशीलता तथा चिंतन की प्रधानता रही । वास्तव में उनकी कविताओं में राष्ट्रीय उद्गारों, व्यवस्था में व्यक्ति की असहायता और बेबसी के चित्र दिखाई पड़ते हैं ।
>> भाषा एवं शैली – परवर्ती रचनाओं में कवि की वह भावावेशपूर्ण तन्मयता नहीं है, जो उसकी आरंभिक रचनाओं में पाठको और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती रही । उन्होंने सरस खड़ी बोली का प्रयोग किया है । शैली भावात्मक गीत शैली है, जिसमें लाक्षणिकता और संगीतात्मकता है।

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2 thoughts on “Harivansh Rai Bachan ka jeevan parichay हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय

  1. DHARMENDRA

    Sir g me jha tak janta hu bachhan g ka janm 1960 me nhi 1907 me hua tha

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