Mahatma Budha महात्मा बुद्ध

By | October 16, 2016

> बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे। उन्हें एशिया का ज्योति पुंज (light of asia) कहा जाता है ।
> गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में कपिलवस्तु के लुंबिनी नामक स्थान पर हुआ था।
> इनके पिता शुद्धोधन शाक्य गण के मुखिया थे। उनकी माता मायादेवी की मृत्यु इनके जन्म के सातवें दिन ही हो गई थी। इनका लालन-पालन इनकी सौतेली मा प्रजापति गौतमी ने किया था ।
> इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था। गौतम बुद्ध का विवाह 16 वर्ष की अवस्था में यशोधरा के साथ हुआ । उनके पुत्र का नाम राहुल था ।
> सिद्धार्थ जब कपिलवस्तु की सैर पर निकले तो उन्होंने निम्न चार दृश्यों को क्रमशः देखा 1) बूढ़ा व्यक्ति 2) एक बीमार व्यक्ति 3) एक शव एवं 4) एक संयासी ।
> सांसारिक समस्याओं से व्यथित होकर सिद्धार्थ ने 29 वर्ष की अवस्था में गृह त्याग किया जिसे बौद्ध धर्म में महाभिनिष्क्रमण कहा गया है ।
> गृह त्याग करने के बाद सिद्धार्थ (बुद्ध) ने वैशाली के आलारकलाम से सांख्य दर्शन की शिक्षा ग्रहण की। आलार कलाम सिद्धार्थ के प्रथम गुरु हुए।
> आलार कलाम के बाद सिद्धार्थ ने राजगीर के रूद्रकरामपुत्त से शिक्षा ग्रहण की।
> उरुवेला में सिद्धार्थ को कौंडिन्य, वप्पा, भादिया, महानामा एवं अस्सागी नामक पांच साधक मिले।
> बिना अन्न जल ग्रहण किए 6 वर्ष की कठिन तपस्या के बाद 35 वर्ष की आयु में वैशाख की पूर्णिमा की रात निरंजना (फल्गु) नदी के किनारे पीपल वृक्ष के नीचे सिद्धार्थ को ज्ञान प्राप्त हुआ।
>  ज्ञान प्राप्ति के बाद सिद्धार्थ बुद्ध के नाम से जाने गए। वह स्थान बोधगया कहलाया।
> बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ (ऋषिपत्तनम्) में दिया । जिसे बौद्ध ग्रंथों में धर्मचक्रप्रवर्तन कहा गया है ।
> बुद्ध ने अपने उपदेश जनसाधारण की भाषा पाली में दिए हैं ।
> बुद्ध ने अपने उपदेश कोशल, वैशाली, कौशांबी एवं अन्य राज्यों में दिए ।
> बुद्ध ने अपने सर्वाधिक उपदेश कोशल देश की राजधानी श्रावस्ती में दिए ।
> इनके प्रमुख अनुयाई शासक थे -बिंबिसार, प्रसेनजीत तथा उदयिन ।
> बुद्ध की मृत्यु 80 वर्ष की अवस्था में 483 ईसा पूर्व में कुशीनारा (देवरिया उत्तर प्रदेश) में चुंद द्वारा अर्पित भोजन करने के बाद हो गई जिसे बौद्ध धर्म में महापरिनिर्वाण कहा गया है ।
> मल्लो ने अत्यंत सम्मानपूर्वक बुद्ध का अंत्येष्टि संस्कार किया ।
> एक अनुश्रुति के अनुसार मृत्यु के बाद बुद्ध के शरीर के अवशेषों को 8 भागों में बांट कर उन पर 8 स्तूपों का निर्माण कराया गया ।
> बुद्ध के जन्म एवं मृत्यु की तिथि को चीनी परंपरा के कैंटन अभिलेख के आधार पर निश्चित किया गया है।
> बौद्ध धर्म के बारे में हमें विशद ज्ञान त्रिपिटक ( विनयपिटक, सूत्रपिटक व अभिधम्मपिटक) से प्राप्त होता है ।
> तीनों पिटकों की भाषा पालि है ।
> बौद्ध धर्म मूलतः अनीश्वरवादी है इसमें आत्मा की परिकल्पना भी नहीं है ।
> बौद्ध धर्म में पुनर्जन्म की मान्यता है ।
> तृष्णा को क्षीण हो जाने की अवस्था को ही बुद्ध ने निर्वाण कहा है ।
> ‘विश्व दुखों से भरा है’ का सिद्धांत बुद्ध ने उपनिषद से लिया।
>  बुद्ध के अनुयाई दो भागों में विभाजित थे-
1) भिक्षुक:- बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए जिन्होंने सन्यास ग्रहण किया उन्हें ‘भिक्षुक’ कहा गया।
2) उपासक:- गृहस्त जीवन व्यतीत करते हुए बौद्ध धर्म अपनाने वालों को ‘उपासक’ कहा गया ।
> बोद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 15 वर्ष थी।
> बौद्धसंघ में प्रविष्ट होने को उपसंपदा कहा जाता था ।
> बौद्ध धर्म में त्रिरत्न है:- बुद्ध, धम्म एवं संघ।

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