भौतिकी एक परिचय physics ka parichay

By | July 2, 2016

physics ka parichay

भौतिकी का क्या अर्थ होता है?
भौतिकी शब्द की व्युत्पत्ति ग्रीक शब्द फ्यूसिस से हुई है, जिसका अर्थ है ‘प्रकृति’ (Nature)। संस्कृत में लम्बे समय से ‘प्राकृतिक’ (Natural) के लिये ‘भौतिक’ (Physical) शब्द का उपयोग किया जाता रहा है। इसी से ‘भौतिकी’ शब्द बना है। भौतिकी वह विषय है, जिसके अंतर्गत प्रकृति और प्राकृतिक घटनाओं तथा अंतर्गत द्रव्य, ऊर्जा और उनकी अंतर्क्रियाओं (Interactions) का अध्ययन किया जाता है।’
द्रव्य (Matter) किसे कहते है?
द्रव्य वह है जिसमें द्रव्यमान होता है, जो स्थान घेरता है तथा जिसका अनुभव हम अपनी ज्ञानेन्द्रियों से कर सकते हैं, जैसे–हवा, पानी, लोहा, लकड़ी इत्यादि।’
ऊर्जा (Energy) किसे कहते हैं?
इसमें न तो द्रव्यमान होता है और न ही यह स्थान घेरती है किन्तु यह समस्त ब्रह्माण्ड में विद्यमान है। ऊर्जा के कारण ही कार्य करने की क्षमता उत्पन्न होती है। कोई भी कार्य बिना ऊर्जा-व्यय के नहीं किया जा सकता है। ऊर्जा कई प्रकार की होती है, जैसे–यांत्रिक, ऊष्मीय, प्रकाशिक, ध्वनि, चुम्बकीय, विद्युत्, नाभिकीय, रासायनिक ऊर्जा इत्यादि।’
आइन्स्टीन का द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता समीकरण किसे कहते हैं?
अलबर्ट आइन्स्टीन के अनुसार, द्रव्य को ऊर्जा में तथा ऊर्जा को द्रव्य में सम्बन्ध से E=mc2 परिवर्तित किया जा सकता है। जहाँ, E=ऊर्जा, m=द्रव्यमान तथा c= प्रकाश का वेग है। इसे आइन्स्टीन का द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता समीकरण कहते हैं।’
भौतिकी अध्ययन के इसे कितने भागों में विभाजित किया जाता है?
भौतिकी को निम्न दो भागों में विभाजित करके अधययन किया जाता है–

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(1):- चिरसम्मत भौतिकी (Classical Physics, pre-1990) –इसके अंतर्गत यांत्रिक(Mechanics), ऊष्मा(Heat), प्रकाश(Light),ध्वनि,(Sound), चुम्बकत्व (Magnetism) एवं विद्युत (Electricity)का अध्ययन किया जाता है।

(2):- आधुनिक भौतिकी (Modern Physics Post-1900)– इसके अंतर्गत क्वाण्टम (Quantum), परमाणु (Atomic), नाभिकीय(Nuclear), भौतिक कण(Partical physics),  संघनित द्रव्य (Condensed matter), आपेक्षिकता (Relativity), इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) आदि का अधययन किया जाता है। ‘
भौतिकी की तकनीक में वैज्ञानिक विधि से आप क्या समझते हैं?
भौतिकी की तकनीक का अर्थ उस विधि से है जिस विधि के द्वारा द्रव्य, ऊर्जा और उनकी अंतर्क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है तथा भौतिकी के सिद्धांत बनाये जाते हैं। यह विधि विज्ञान की अन्य शाखाओं में भी प्रयुक्त की जाती है। इसे वैज्ञानिक विधि कहते हैं। अनुसंधान कार्य के लिये वैज्ञानिकों द्वारा अपनायी गई सुव्यवस्थित, क्रमबद्ध एवं तर्कसंगत विधि को वैज्ञानिक विधि कहते हैं।’
वैज्ञानिक विधि के चरण कौन- कौन से हैं?
वैज्ञानिक चरण के मुख्य चरण निम्न हैं–
(1):- क्रमबद्ध प्रेक्षण
(2):- परिकल्पना का निर्माण
(3):- परिकल्पना का परीक्षण
(4):-अन्तिम सिद्धान्त’
वैज्ञानिक विधि का क्या महत्व है?
वैज्ञानिक विधि के कारण अनुसन्धान कार्य तेजी से होता है, फलस्वरूप विज्ञान प्रगति की ओर तेजी से अग्रसर होता जा रहा है। वैज्ञानिक विधि केवल विज्ञान विषयों तक ही सीमित नहीं है अपितु इस विधि से व्यक्तिगत, सामाजिक या राष्ट्रीय समस्याओं का भी संतोषजनक समाधान ढूंढा जा सकता है।’
सिद्धांत से आप क्या समझते हैं?
प्रकृति के कुछ ज्ञात नियमों के पदों में भौतिक निकायों के व्यवहारों या प्राकृतिक घटनाओं की व्याख्या करने के लिये प्रयोगों द्वारा सत्यापित परिकल्पना को सिद्धांत कहते हैं।
उदाहरण:-
वैज्ञानिकों का मान्यता थी कि पृथ्वी सपाट (flat) है किन्तु समुद्र में दूर से आते हुए किसी जहाज को देखने पर सर्वप्रथम उसका ऊपरी भाग दिखाई देता है। अतः यह माना गया कि पृथ्वी सपाट नहीं बल्कि गोलाकार है। पुनः गुरुत्वीय त्वरण का मान भिन्न-भिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न होता है। अतः यह निष्कर्ष निकाला गया कि पृथ्वी पूर्णतः गोलाकार नहीं है अपितु धुर्वो पर कुछ चपटी है।’

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