Pragaitihasik Kaal प्रागैतिहासिक काल

By | October 12, 2016

> जिस काल में मनुष्य ने घटनाओं का कोई लिखित विवरण उद्धृत नहीं किया, उसे प्रागैतिहासिक काल कहते हैं। मानव विकास के उस काल को इतिहास कहा जाता है जिसका विवरण लिखित रूप में उपलब्ध है।
> आद्य ऐतिहासिक काल उस काल को कहते हैं जिस काल में लेखन कला के प्रचलन के बाद उपलब्ध लेख पढ़ने नहीं जा सके हैं ।
> ज्ञानी मानव होमोसेपियंस का प्रवेश इस धरती पर आज से लगभग 30 या 40 हजार वर्ष पूर्व हुआ।
> पूर्व पाषाण युग के मानव की जीविका का मुख्य आधार शिकार था। आग का आविष्कार पूरा पाषाण काल में एवं पहिए का आपका नवपाषाण काल में हुआ ।
> मनुष्य में स्थाई निवास की प्रवृत्ति नवपाषाण काल में हुई तथा उसने सबसे पहले कुत्ता को पालतू बनाया ।
> मनुष्य ने सर्वप्रथम तांबा धातु का प्रयोग किया तथा उसके द्वारा बनाया जाने वाला प्रथम औजार कुल्हाड़ी (प्राप्ति स्थल अतिरम्पक्कम) था ।
> कृषि का आविष्कार नव पाषाण काल में हुआ प्रागैतिहासिक उत्पादक स्थल मेहरगढ़ पश्चिमी बलूचिस्तान में अवस्थित है । कृषि के लिए अपनाई गई सबसे प्राचीन फसल गेहूं (पहली फसल) एवं जौ थी।
> कृषि का प्रथम उदाहरण मेहरगढ़ से प्राप्त हुआ है। कोलडीहवा का संबंध चावल के प्राचीनतम साक्ष्य से है।
> पल्लावरम नामक स्थान पर प्रथम भारतीय पुरापाषाण कलाकृति की खोज हुई थी । भारत में पूर्व प्रस्तर युग के अधिकांश औजार स्फटिक( पत्थर) के बने थे ।
> राबर्ट ब्रूस फुट पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 1863 ईस्वी में भारत में पुरापाषाण कालीन औजारों की खोज की।
> भारत का सबसे प्राचीन नगर मोहनजोदड़ो था, सिंधी भाषा में जिसका अर्थ है मृतकों का टीला।
> असम का श्वेतभु गिबन भारत में पाए जाने वाला एकमात्र मानवाभ कपि है।
> इनाम गांव ताम्रपाषाण युग की एक बड़ी बस्ती थी इसका संबंध जोरवे संस्कृति से है।
> भारत में शिवालिक की पहाड़ी से जीवाश्म का प्रमाण मिला है ।
> भारत में मनुष्य संबंधी सबसे पहला प्रमाण नर्मदा घाटी में मिला है।
> भारतीय नागरिक सेवा के अधिकारी प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने प्रथम वैज्ञानिक आधार पर भारत की जनसंख्या का  प्रजातीय विभेदीकरण किया।

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