Ramnaresh Tripathi ka jeevan parichay. रामनरेश त्रिपाठी का जीवन परिचय

By | October 21, 2016

जीवन परिचय- हिंदी – साहित्य के विख्यात कवि रामनरेश त्रिपाठी का जन्म 1889 ई. में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के कोइरीपुर ग्राम के एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था| इनके पिता पंo रामदत्त त्रिपाठी एक आस्तिक ब्राह्मण थे | इन्होंने नवीं कक्षा तक स्कूल में पढ़ाई की तथा बाद में स्वतन्त्र अध्ययन और देशाटन से असाधारण ज्ञान प्राप्त किया और साहित्य – साधना को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाया| इन्हें केवल हिंदी ही नहीं वरन् अंग्रेजी, संस्कृत, बँगला और गुजरती भाषाओ का भी अच्छा ज्ञान था| इन्होंने दक्षिण भारत में हिंदी भाषा के प्रचार और प्रसार का सराहनीय कार्य कर हिंदी की अपूर्व सेवा की| ये हिंदी- साहित्य- सम्मेलन की इतिहास परिषद के सभापति भी थे| त्रिपाठी जी साहित्यकार होने के साथ-साथ स्वतन्त्रता सेनानी एव देश – सेवी थे| साहित्य की सेवा करते-करते सरस्वती का यह वरद पुत्र 1962ई. में स्वर्गवासी हो गया|

Read Also-  Visheshan विशेषण के बारे में जानें हिंदी

रचनाएँ – त्रिपाठी जी श्रेष्ठ कवि होने के साथ-साथ बाल-साहित्य और संस्मरण साहित्य के लेखक भी थे |नाटक , निबन्ध,कहानी,काव्य,आलोचना और लोक- साहित्य पर इनका पूर्ण अधिकार था| इनकी प्रमुख काव्य – रचनाएँ निम्नलिखित है

1.खण्डकाव्य- ‘पथिक’, ‘मिलन’ और ‘स्वप्न’| ये तीन प्रबन्धात्मक खण्डकाव्य हैं|
2.मुक्तक काव्य- ‘मानसी’ फुटकर काव्य – रचना है|
3.लोकगीत- ‘ग्राम्य गीत’ लोकगीतों का संग्रह है| इनके अतिरिक्त त्रिपाठी जी द्वारा रचित प्रमुख कृतियाँ हैं

साहित्य में स्थान – खड़ी बोली के कवियों में आपका प्रमुख स्थान है | अपनी सेवाओं द्वारा हिंदी साहित्य के सच्चे सेवक के रूप में त्रिपाठी जी प्रशंसा के पात्र हैं| राष्ट्रीय भावों के उन्नायक के रूप में आप हिंदी – साहित्य में अपना विशेष स्थान रखते हैं |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *