Samraat Ashoka सम्राट अशोक

By | October 27, 2016

Samraat Ashoka- बिंदुसार का उत्तराधिकारी अशोक महान हुआ जो 269 ईसा पूर्व में मगध की राजगद्दी पर बैठा राजगद्दी पर बैठा।
राजगद्दी पर बैठने के समय अशोक अवंति का राज्यपाल था ।
मास्की एवं गुर्जरा अभिलेख में अशोक का नाम अशोक मिलता है ।
पुराणों में अशोक को अशोकवर्धन कहा गया है।
अशोक ने अपने अभिषेक के 8 वें वर्ष लगभग 261 ईसा पूर्व में कलिंग पर आक्रमण किया और कलिंग की राजधानी तोसली पर अधिकार कर लिया।
अशोक के दरबार में उपगुप्त नामक बौद्ध भिक्षु ने अशोक को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी ।
अशोक में आजीवकों को रहने हेतु बराबर की पहाड़ियों में चार गुफाओं का निर्माण करवाया जिनका नाम कर्ज, चोपार, सुदामा और विश्व झोपड़ी था ।
अशोक के पुत्र दशरथ में आजीविका को नागार्जुन गुफा प्रदान की थी ।
अशोक की माता का नाम सुभद्रांगी था।
अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए अपने पुत्र महेंद्र एवं पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा ।
भारत में शिलालेख का प्रचलन सर्वप्रथम अशोक ने किया ।
अशोक के शिलालेखों में ब्राम्ही, खरोष्ठी, ग्रीक एवं और आरमाइक लिपि का प्रयोग हुआ है ।
ग्रीक एवं और आरमाइक लिपि का अभिलेख अफगानिस्तान से, खरोष्ठी लिपि का अभिलेख उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान से और शेष भारत से ब्राम्ही लिपि के अवशेष मिले हैं ।
अशोक के अभिलेखों को तीन भागों में बांटा जा सकता है -(1) शिलालेख (2) स्तंभ लेख (3) गुहालेख ।
अशोक के शिलालेख की खोज 1750 ईस्वी में पद्रेटी फैन्थेलर ने की।
अशोक के अभिलेख पढ़ने में सबसे पहली सफलता 1837 ईसवी में जेम्स प्रिंसेप को हुई।
अशोक के स्तंभ लेखों की संख्या 7 है। जो केवल ब्राम्ही लिपि में लिखी गई है। या छह अलग-अलग स्थानों से प्राप्त हुई है –
(1) प्रयाग स्तंभ लेख- यह पहले कौशांबी में स्थित था। इस स्तंभ लेख को अकबर ने इलाहाबाद के किले में स्थापित कराया ।
(2) दिल्ली टोपरा- यह स्तंभ लेख फिरोजशाह तुगलक के द्वारा टोपरा से दिल्ली लाया गया ।
(3) दिल्ली मेरठ -पहले मेरठ में स्थिति यह लेख फिरोजशाह द्वारा दिल्ली लाया गया ।
(4) रामपुरवा स्तंभ लेख- यह चंपारण बिहार में स्थापित है। इसकी खोज 1872 इस्वी में कारलायल ने की।
(5) लोरिया अरेराज- यह चंपारण बिहार में स्थित है।
(6) लोरिया नंदनगढ़- चंपारण बिहार में स्तंभ पर मोर का चित्र बना है ।
(7) कौशांबी अभिलेख को रानी का अभिलेख कहा जाता है ।
अशोक का सबसे छोटा स्तंभ लेख रुम्मिदेई है। इसी में लुंबिनी में धम्म यात्रा के दौरान अशोक द्वारा भू राजस्व की दर घटा देने की घोषणा की गई है।
अशोक का 7 वां अभिलेख सबसे लंबा है ।

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