Vakil kaise bane, advocate kaise bane. वकील कैसे बने.

By | May 10, 2016

vakil kaise bane, advocate kaise bane, vakil kisi bhi desh ki kanun pranali ke liye important hota hai. svatantrata ke bad vakalat ek shahi job me se ek tha.
vakil bane ke liye educational qualification-
ek vakil banne ke liye aapke pas graducation degree honi chahiye taki aap 3 saal ke L.L.B. course me admission le sake.
ya fir 12th ke bad 5 saal ka B.A.+L.L.B. karke bhi vakil ban sakte ho.

vakil kaise bane, advocate kaise bane

vakil banne liye aapko llb ki degree leni hogi. llb ki degree lene ke liye ek entrance exam dena hota hai . ise CLAT ( common low admission test) kahte hai.

har saal BA+LLB me admission ke liye desh ke top national low university is entrance exam ko karate hai.
CLAT exam ka syllabus is prakar hota hai.

  1. Low aptitude
  2. logical reasoinng
  3. English
  4. general knowledge/current afaiars
  5. general mathematics

ek bar llb ki degree prapt karne ke bad candidate ko jaruri internship pura karna hota hai.
internship pura hone ke bad candidate ko career ke rup me vakalat karne se pahle state bar council ke adhivakta adhiniyam 1961 ke dvara bar council me registration karvana padta hai. registration ho jane ke bad aap apna career start kar sakte hai.

किसी भी देश का संविधान और कार्यपालिका एक नियम और कानून के अनुसार ही चलती है।इन नियमो और कानून का उल्लंघन कही भी कभी भी हो सकता है तो उसके लिए  न्यायपालिका की व्यवस्था की गयी थी। हमारे अधिकारों और हितो की रक्षा और कानून की व्याख्या के लिए ही कोर्ट, न्यायधीश और वकील प्रोफेशन का विकास हुआ। वकालत या लॉ हमेशा से ही महत्वपूर्ण व्यवसाय रहा है, परन्तु आधुनिक युग में जिस तरह  से लोगों में अपने अधिकारों एवं कानून को लेकर जागरूकता बढ़ी है, तब से वकालत के पेशे ने भी उड़ान भरनी शुरू कर दी है जिससे कैरियर की दृष्टि से वकालत अब सफल व्यवसाय के रूप में उभरी है।

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देश में अपराध भी अधिक मात्रा में बढ़ रहे है जिससे वकील और न्यायधीश की मांग भी बढ़ गयी है। अतः लॉ करके अपने करियर को उचित और अलग दिशा प्रदान की जा सकती है।  आज हिंदी ज्ञान वेब आपको बताएगा कि वकील बनने के लिए कैसे खुद को दिशा प्रदान करनी है—-

वकील बनने या लॉ करने के लिए योग्यता—

  • लॉ के पांच वर्षीय पाठय़क्रम के लिए आपको बारहवीं पास होना अनिवार्य है और बारहवीं के बाद कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट नामक परीक्षा होती है,उसमे पास होने के बाद ही प्रवेश मिलता है।इस परीक्षा में बारहवीं या ग्रेजुएशन 50 फीसदी अंकों के साथ पास होना अनिवार्य होता है।
  • विद्यार्थी अपनी इच्छा के अनुसार लॉ के तीन वर्षीय या पांच वर्षीय बैचलर डिग्री पाठय़क्रम को अध्ययन के रूप में चुन सकते है इसके बाद कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट नामक परीक्षा होती है,उसमे पास होने के बाद ही प्रवेश मिलता है। लॉ के तीन वर्षीय पाठय़क्रम में प्रवेश के लिए ग्रेजुएट होना अनिवार्य है।
  • बीए एलएलबी करते हुए विद्यार्थी को किसी स्पेशलाइज्ड फील्ड जैसे कॉरपोरेट लॉ, पेटेंट लॉ, क्रिमिनल लॉ, साइबर लॉ, फैमिली लॉ, बैकिंग लॉ, टैक्स लॉ, इंटरनेशनल लॉ, लेबर लॉ, रीयल एस्टेट लॉ आदि में विशेषता हासिल करनी होती है ताकि आगे चलकर उसी विशेष विषय की वकालत कर  सके।
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लॉ के अंतर्गत कोर्स—

 क्रिमिनल लॉ-
क्रिमिनल लॉ  सबसे प्रचलित कानून माना जाता है। इस कानून का अध्ययन हर छात्र को करना पड़ता है।इसके अध्ययन से ही क्राइम्स और उसके प्रति कानून प्रावधान की जानकारी हासिल होती है। शुरुआत में थोड़ा मुश्किल लग सकता है लेकिन ज्यादा कठिन नही है।

 कॉरपोरेट लॉ-
कॉरपोरेट लॉ के अंतर्गत कॉरपोरेट संसार  में होने वाले अपराधों के लिए नियम और कानून का अध्ययन किया जाता हैं।कॉरपोरेट कानूनों से कॉरपोरेट सेक्टर  में होने वाले अपराधों को रोकने के लिए तथा फाइनेंस प्रोजेक्ट, टैक्स लाइसेंस और ज्वॉइंट स्टॉक से संबंधित काम किए जाते हैं।

पेटेंट अटॉर्नी-
पेटेंट अटॉर्नी ऐसा अधिकार होता है जिसके अंतर्गत कोई व्यक्ति किसी वस्तु पर अपना पूर्ण आधिपत्य रखता है।  उसकी मर्जी या सहमति के बिना कोई अन्य व्यक्ति उस अधिकार का प्रयोग नहीं कर सकता।

साइबर लॉ-
कंप्यूटर जगत में अपराध से साइबर क्राइम का दायरा बढ़ा है। इस कानून के तहत साइबर क्राइम से जुड़े मुद्दों पर कानून जानकारी देता है कि  उनसे कैसे निपटा जाये और उनके लिए सजा का क्या प्रावधान है।

फैमिली लॉ-
यह महिलाओं  उपयुक्त और महिलाओ का पसंदीदा क्षेत्र है। इसके लॉ के तहत तलाक, गोद लेने, पर्सनल लॉ, शादी, गाजिर्यनशिप एवं अन्य सभी पारिवारिक  मामले आते है।  पारिवारिक मामलों को उसी स्तर पर सुलझाने  के लिए  हर राज्य के सभी जिलों में फैमिली कोर्ट की स्थापना की गयी है।

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बैंकिंग लॉ-
बैंकिंग  तहत लोन, लोन रिकवरी, बैंकिंग एक्सपर्ट आदि से संबंधित कार्यो का निपटारा होता है।बैंकिंग और उससे सम्बन्धित नियम और कानून का अध्ययन इस विषय में करवाया जाता है।

टैक्स लॉ-
टेक्स लॉ तहत सभी प्रकार के टैक्स जैसे सर्विस टैक्स, सेल टैक्स, इनकम टैक्स आदि से सम्बन्धित समस्यायों का निपटारा किया  जाता है।

 वकालत से संबंधित संस्थान
  •   फैकल्टी ऑफ लॉ, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली—-यह लॉ करने के लिए भारत की सबसे अच्छी यूनिवर्सिटी है।रैंकिंग की दृस्टि से पहले नंबर पर है।
  •  गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली—यह संस्थान पुराणी दिल्ली में स्तिथ है।यह भी लॉ के लिए अच्छा संसथान है।
  •  नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर—यह यूनिवर्सिटी राजस्थान में स्तिथ है और लॉ के लिए बहुत बढ़िया संस्थान  है।
  •  अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी—-यह लॉ संस्थान उत्तरप्रदेश में स्तिथ है और अध्ययन  दृष्टि  से भारत में प्रसिद्ध संस्थान है।
  •  नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी(बेंगलुरु)—यह यूनिवर्सिटी कर्नाटक में स्तिथ है और विशेष तौर पर लॉ अध्ययन के लिएविख्यात है।
  •  बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी—यह लॉ संस्थान उत्तरप्रदेश में स्तिथ है और विशेष तौर पर लॉ अध्ययन के लिए विख्यात है।
  • गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी—-यह वकालत के लिए प्रसिद्ध गुजरात का सबसे अच्छी रैंकिंग का संस्थान  है।