परमाणु- रसायन विज्ञान

एक परमाणु किसी भी साधारण से पदार्थ की सबसे छोटी घटक इकाई है जिसमे एक रासायनिक तत्व के गुण होते हैं। हर ठोस, तरल, गैस, और प्लाज्मा तटस्थ या आयननपरमाणुओं से बना है। परमाणुओं बहुत छोटे हैं; विशिष्ट आकार लगभग 100 pm (एक मीटर का एक दस अरबवें) हैं।
हालांकि, परमाणुओं में अच्छी तरह परिभाषित सीमा नहीं होते है, और उनके आकार को परिभाषित करने के लिए अलग अलग तरीके होते हैं जोकि अलग लेकिन काफी करीब मूल्य देते हैं। परमाणुओं इतने छोटे है कि शास्त्रीय भौतिकी इसका काफ़ी गलत परिणाम देते हैं।

परमाणु- रसायन विज्ञान

हर परमाणु नाभिक से बना है और नाभिक एक या एक से अधिक इलेक्ट्रॉन्स से सीमित है। नाभिक आम तौर पर एक या एक से अधिक न्यूट्रॉन और प्रोटॉन की एक समान संख्या से बना है। प्रोटान और न्यूट्रान न्यूक्लिऑन कहलाता है। परमाणु के द्रव्यमान का 99.94% से अधिक भाग नाभिक में होता है। प्रोटॉन पर सकारात्मक विद्युत आवेश होता है, इलेक्ट्रॉन्स पर नकारात्मक विद्युत आवेश होता है और न्यूट्रान पर कोई भी विद्युत आवेश नहीं होता है

तत्व का वह छोटा से छोटा भाग है, जो किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकता है परन्तु स्वतंत्र अवस्था में नहीं रह सकता है।

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भारत के महान ॠषि कणाद के अनुसार सभी पदार्थ अत्यन्त सूक्ष्मकणों से बने हैं, जिसे परमाणु कहा गया है।

परमाणुओं का निर्माण प्रोटॉन, न्यूट्रॉन तथा इलेक्ट्रॉन से मिलकर होता है।

इन परमाणुओं का आकार अतिसूक्ष्म व द्रव्यमान बहुत कम होता है।

परमाणुओं में हाइड्रोजन सबसे छोटा व हल्का होता है। इसकी त्रिज्या 0.3 x 10-10 मीटर के बराबर होता है।

20 वीं शताब्दी में आधुनिक खोजों के परिणामस्वरूप जे. जे. थॉमसन, रदरफोर्ड, चैडविक आदि वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध कर दिया कि परमाणु विभाज्य है तथा मुख्यतः तीन मूल कणों से मिलकर बना है, जिन्हें इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन कहते हैं।

प्रमुख मूल कणों के अभिलक्षण :-

मूल कण प्रतीक आवेश द्रव्यमान (ग्राम) द्रव्यमान (amu) खोजकर्ता

इलेक्ट्रॉन -1e0 -1 9.1095X10-28g 0.0005486 जे.जे.थॉमसन (1897)

प्रोटॉन 1p1 +1 1.6726X10-24g 1.0073335 रदरफोर्ड

न्यूट्रॉन 0n1 0 1.6749X10-24g 1.008724 चैडविक(1932)

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