मोल धारणा- रसायन विज्ञान

मोल (चिह्न: mol) एक SI मूल इकाई है, जो पदार्थ की मात्रा मापन करता है। यह एक गण्य इकाई है। एक मोल में एवोगाद्रो संख्या के बराबर (लगभग 6.02214×1023) परमाणु, अणु, अन्य आरम्भिक कण होते हैं। एक मोल पदार्थ का ग्राम में भार, उस पदार्थ के एक परमाणु/अणु के AMU में भार की संख्या के बराबर होता है। उदाहरण के लिये, 1 mol ऑक्सीजन (O2) अणु का भार लगभग 32 ग्राम होता है, जबकि 1 अणु ऑक्सीजन बराबर होती है 32 AMU के।

एक मोल होता है, जैसे एक दर्जन, जिसमें दोनों ही विशुद्ध संख्याएं हैं, जिनमें कोई भी इकाई नहीं है। यह किसी भी प्रकर के मूलभूत पदार्थ की व्याख्या कर सकता है, (पदार्थ जो परमाणु से बना हो)। मोल का प्रयोग केवल आण्विक्, परमाण्विक और अन्तर-आण्विक कणों के मापन तक ही सीमित है। इसका परिमाण और अन्य पारम्परिक प्रयोग इसे अन्य प्रयोगों हेतु अव्यवहारिक बना देते हैं।
व्यवहार में हम पदार्थ की मात्रा को प्रायः ग्राम-मोलमें मापते हैं, जो कि उस पदार्थ की उस मात्रा के बराबर है, जिसका भार ग्राम में उसके सूत्र भार के बराबर है। अतः एक ग्राम-मोलकार्बनका भार है 12 ग्राम्, जबकि एक ग्राम-मोल जल क भार है 18.016 ग्राम। इसमें गण्य अस्तित्व एक परमाणु कार्बन में, या एक अणु जल (H2Oमें, आण्विक सूत्र भार = 2 H परमाणु + 1 O परमाणु ≈18)।
  • सोडियमका परमाणु द्रव्यमान = 22.99 u;
  • सोडियम का मोलर द्रव्यमान = 22.99 g / mol;
  • कैल्सियमका परमाणु द्रव्यमान = 40.078 u;
  • कैल्सियम का मोलर द्रव्यमान = 40.078 g / mol.
  • मानक ताप और दाब पर १ मोलआदर्श गैसका आयतन २२.4 लीटर होता है।

एक मोल किसी भी निश्चित सूत्र वाले पदार्थ की वह राशि है, जिसमें इस पदार्थ के इकाई सूत्र की संख्या उतनी है, जिनकी शुद्ध कार्बन-12 आइसोटोप के ठीक 12 ग्राम में परमाणुओं की संख्या है।

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मोल इकाई का मान- मोल का मान 6.022 x 1023 है। कार्बन के 12 ग्राम या एक मोल में 6.022 x 1023 परमाणु हैं। 6.022 x 1023 को आवोगाद्रो संख्या कहते हैं।

मोल संख्या एवं द्रव्यमान दोनों का प्रतीक है। सन् 1967 में मोल को इकाई के रूप में स्वीकार किया गया।

20वीं शताब्दी में आधुनिक खोजों के परिणामस्वरूप जे॰ जे॰ थॉमसन, रदरफोर्ड, चैडविक आदि वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध कर दिया कि परमाणु विभाज्य है तथा मुख्यतः तीन मूल कणों से मिलकर बना है, जिन्हें इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन कहते हैं।”
मोल संकल्पना के अनुसार किसी परमाणु अथवा अणु के एक ग्राम परमाण्विक अथवा आण्विय द्रव्यमान को एक मोल कहा जाता है। एक मोल में 6.022 x 1023 परमाणु अथवा अणु होते हैं। इस प्रकार,

1 मोल O (ऑक्सीजन) परमाणु = O(ऑक्सीजन) परमाणुओं का

और 1 ग्राम परमाण्विक द्रव्यमान = 16 ग्राम

1 मोल O2 = O2 अणु का 1 ग्राम आण्विक

द्रव्यमान = 32 ग्राम

किसी पदार्थ की वह मात्रा, जिसमें उस पदार्थ के 6.022 x 1023 कण होते हैं, पदार्थ का एक मोल कहलाता है।

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