bhartiy sanvidhan sabha भारतीय संविधान सभा

By | August 15, 2018

bhartiy sanvidhan sabha केबिनेट मिशन की संस्तुतियों के आधार पर भारतीय संविधान के निर्माण करने वाली संविधान सभा का गठन जुलाई 1946 ईस्वी में किया गया। नोट- भारत के लिए संविधान सभा की रचना हेतु संविधान सभा का विचार सर्वप्रथम स्वराज पार्टी ने 1924 ईस्वी में प्रस्तुत की ।
>> संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 निश्चित की गई थी जिनमें 292 ब्रिटिश प्रांतों के प्रतिनिधि 4 चीफ कमिश्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधि एवं 93 देसी रियासतों के प्रतिनिधित्व थे।
>> मिशन योजना के अनुसार जुलाई 1946 ईस्वी में भारत संविधान सभा का चुनाव हुआ कुल 389 सदस्यों में से प्रांतों के लिए निर्धारित 296 सदस्यों के लिए चुनाव हुए जिन्हें विभिन्न प्रांतों की विधान सभाओं द्वारा चुना गया है । इसमें कांग्रेस को 208 मुस्लिम लीग को 73 स्थान एवं 15 अन्य दलों के तथा स्वतंत्र उम्मीदवार निर्वाचित हुए।

9 दिसंबर 1946 ईस्वी का संविधान सभा की प्रथम बैठक नई दिल्ली स्थित कौंसिल चेंबर के पुस्तकालय भवन में हुई सभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य डॉक्टर सच्चिदानंद सिंहा को सभा का अस्थाई अध्यक्ष चुना गया। मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया और पाकिस्तान के लिए बिल्कुल अलग संविधान सभा की मांग प्रारंभ कर दी ।
>> हैदराबाद एक ऐसी देसी रियासत थी जिसके प्रतिनिधि संविधान सभा में सम्मिलित नहीं हुए थे।
>> प्रांतों  या देशी रियासतों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में संविधान सभा में प्रतिनिधित्व दिया गया था । साधारणता 10 लाख की आबादी पर एक स्थान का आवंटन किया गया था।
>> प्रांतों का प्रतिनिधित्व मुख्यता तीन प्रमुख समुदायों की जनसंख्या के आधार पर विभाजित किया गया था यह समुदाय थे मुस्लिम, सिख एवं साधारण ।
>> संविधान सभा में ब्रिटिश प्रांतों के 296 प्रतिनिधियों का विभाजन सांप्रदायिक आधार पर किया गया 213 सामान्य 79 मुसलमान तथा 4 सिक्ख ।

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>> संविधान सभा के सदस्यों में अनुसूचित जनजाति के सदस्यों की संख्या 33 थी ।
>> संविधान सभा में महिला सदस्यों की संख्या 15 थी।
>> 11 दिसंबर 1946 को डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
>>  संविधान सभा की कार्यवाही 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा पेश किए गए उपदेश द्वारा प्रस्ताव के साथ प्रारंभ हुई ।
>> 22 जनवरी 1947 को उद्देश्य प्रस्ताव के स्वीकृति के बाद संविधान सभा ने संविधान निर्माण अनेक समितियां नियुक्त की  इनमे प्रमुख थी- वार्ता समिति, संघ संविधान समिति, प्रांतीय संविधान समिति, संघ शक्ति समिति, प्रारुप समिति।
>> बी एन राव  द्वारा तैयार किए गए संविधान के प्रारूप पर विचार विमर्श करने के लिए संविधान सभा द्वारा 29 अगस्त 1947 को एक संकल्प पारित करके प्रारूप समिति का गठन  किया गया तथा इसके अध्यक्ष के रूप में डॉ भीमराव अंबेडकर को चुना गया। प्रारूप समिति के सदस्यों की संख्या 7 थी जो इस प्रकार है –

1. डॉक्टर भीमराव अंबेडकर (अध्यक्ष)
2. एन गोपाल स्वामी आयंगर
3. अल्लादि कृष्णास्वामी अय्यर
4. कन्हैया लाल माणिक लाल मुंशी
5. सैयद मुहम्मद सादुल्ला
6. एन माधव राव (बीएल मित्र के स्थान पर)
7. डी पी खेतान (1948 ईस्वी में इनकी मृत्यु के बाद टी टी कृष्णामाचारी को सदस्य बनाया गया)। संविधान सभा में अंबेडकर का निर्वाचन पश्चिम बंगाल से हुआ था ।
>> 3 जुलाई 1947 ईस्वी को योजना के अनुसार देश का बंटवारा हो जाने पर भारतीय संविधान सभा की कुल सदस्यों की संख्या 324 नियत की गई ,जिसमें 235 स्थान प्रांतों के लिए और 89  स्थान देशी राज्यों के लिए थी।
>> देश विभाजन के बाद संविधान सभा का पुनर्गठन 31 अक्टूबर 1947 को किया गया और 31 दिसंबर 1947 ईसवीं को संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 299 थी। जिसमें प्रांतीय सदस्य की संख्या 229 एवं देशी रियासतो के सदस्यों की संख्या 70 थी।
>> प्रारूप समिति ने संविधान के प्रारूप पर विचार विमर्श करने के बाद 21 फरवरी 1948  को संविधान सभा को अपनी रिपोर्ट पेश की ।
>> संविधान सभा में संविधान का प्रथम वाचन 4 नवंबर से 9 नवंबर 1948 इसवी तक चला। संविधान पर दूसरा वाचन 15 नवंबर 1948 को प्रारंभ हुआ जो 17 अक्टूबर 1949 इसवी तक चला । संविधान सभा में संविधान का तीसरा वाचन 14 नवंबर 1949 ईस्वी को प्रारंभ हुआ जो 26 नवंबर 1949 इसवी तक चला और संविधान सभा द्वारा संविधान को पारित कर दिया गया। इस समय संविधान सभा के 284 सदस्य उपस्थित थे।

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>> संविधान निर्माण की प्रक्रिया में कुल 2 वर्ष 11 महीना और 18 दिन लगे । संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई। संविधान निर्माण कार्य में कुल मिलाकर 63,96,729 रूपया खर्च हुआ।
>> संविधान को जब 26 नवंबर 1949 ईस्वी को संविधान सभा द्वारा पारित किया गया तब इसमें कुल 22 भाग 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थी। वर्तमान समय में संविधान में 22 भाग 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां हैं ।
>> संविधान के कुल अनुच्छेदों में से 15 अर्थात् 5, 6, 7, 8, 9, 60, 324, 366, 367, 372, 380, 388, 391, 392 तथा 393 अनुच्छेदों को 26 नवंबर 1949 को ही परिवर्तित कर दिया गया : जबकि शेष अनुच्छेदों को 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।
>> संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई और उसी दिन संविधान सभा के द्वारा डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया।
>> कैबिनेट मिशन के सदस्य सर स्टेफोर्ड क्रिप्स, लार्ड पेन्थिक लारेंस तथा एबी अलेक्जेंडर थे।
नोट- 26 जुलाई 1947 को गवर्नर जनरल ने पाकिस्तान के लिए पृथक संविधान सभा की स्थापना की घोषणा की।

Category: GK

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