Chandra Gupt maurya चन्द्रगुप्त मौर्य

By | October 27, 2016

Chandra Gupt maurya – मौर्य वंश का संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य का जन्म 345 ईसापूर्व में हुआ था।
जस्टिन ने चंद्रगुप्त मौर्य को सेंट्रोकोट्स कहा है जिसकी पहचान विलियम जोंस ने चंद्रगुप्त मौर्य से की है ।
विशाखदत्त कृत मुद्राराक्षस में चंद्रगुप्त मौर्य के लिए वृषल (आशय निम्न कुल में उत्पन्न ) शब्द का प्रयोग किया गया है ।
घनानंद को हराने में चाणक्य (कौटिल्य/ विष्णुगुप्त) ने चंद्रगुप्त मौर्य की मदद की थी जो बाद में चंद्रगुप्त का प्रधानमंत्री बना । इसके द्वारा लिखित पुस्तक अर्थशास्त्र है । जिसका संबंध राजनीति से है।
चंद्रगुप्त मगध की राजगद्दी पर 322 ईसापूर्व में बैठा ।
चंद्रगुप्त जैन धर्म का अनुयाई था। चंद्रगुप्त ने अपना अंतिम समय कर्नाटक के श्रवणबेलगोला नाम किस स्थान पर बिताया ।
चंद्रगुप्त ने 305 ईसापूर्व में सेल्युकस निकेटर को हराया ।
सेल्यूकस निकेटर ने अपनी पुत्री कार्नेलिया की शादी चंद्रगुप्त मौर्य के साथ कर दी और युद्ध किस संधि शर्तों के अनुसार चार प्रांत काबुल कंधार हैरात और मकरान चंद्रगुप्त को दिए।
चंद्रगुप्त मौर्य ने जैन गुरु भद्रबाहु से जैन धर्म की दीक्षा ली थी ।
मेगास्थनीज सेल्युकस निकेटर का राजदूत था जो चंद्रगुप्त के दरबार में रहता था ।
मेगास्थनीज द्वारा लिखी गई पुस्तक इंडिका है।
चंद्रगुप्त मौर्य और सेल्युकस के बीच हुए युद्ध का वर्णन एमप्पियांस ने किया है ।
प्लूटार्क के अनुसार चंद्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 हाथी उपहार में दिए थे ।
चंद्रगुप्त मौर्य की मृत्यु 298 ईसापूर्व में श्रवणबेलगोला में उपवास द्वारा हुई।
सबसे पहले युद्ध में हाथी का प्रयोग चन्द्रगुप्त मौर्य के समय हुआ था।

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