Paryayvachi shabd पर्यायवाची शब्द

1. पर्यायवाची शब्द

2. किसी शब्द-विशेष के लिए प्रयुक्त समानार्थक शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं। यद्यपि पर्यायवाची शब्द समानार्थी होते हैं किन्तु भाव में एक-दूसरे से किंचित भिन्न होते हैं।
3. अमृत- सुधा, सोम, पीयूष, अमिय।
4. असुर- राक्षस, दैत्य, दानव, निशाचर।
5. अग्नि- आग, अनल, पावक, वह्नि।
6. अश्व- घोड़ा, हय, तुरंग, बाजी।
7. आकाश- गगन, नभ, आसमान, व्योम, अंबर।
8. आँख- नेत्र, दृग, नयन, लोचन।
9. इच्छा- आकांक्षा, चाह, अभिलाषा, कामना।
10. इंद्र- सुरेश, देवेंद्र, देवराज, पुरंदर।
11. ईश्वर- प्रभु, परमेश्वर, भगवान, परमात्मा।
12. कमल- जलज, पंकज, सरोज, राजीव, अरविन्द।
13. गरमी- ग्रीष्म, ताप, निदाघ, ऊष्मा।
14. गृह- घर, निकेतन, भवन, आलय।
15. गंगा- सुरसरि, त्रिपथगा, देवनदी, जाह्नवी, भागीरथी।
16. चंद्र- चाँद, चंद्रमा, विधु, शशि, राकेश।
17. जल- वारि, पानी, नीर, सलिल, तोय।
18. नदी- सरिता, तटिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी।
19. पवन- वायु, समीर, हवा, अनिल।
20. पत्नी- भार्या, दारा, अर्धागिनी, वामा।
21. पुत्र- बेटा, सुत, तनय, आत्मज।
22. पुत्री-बेटी, सुता, तनया, आत्मजा।
23. पृथ्वी- धरा, मही, धरती, वसुधा, भूमि, वसुंधरा।
24. पर्वत- शैल, नग, भूधर, पहाड़।
25. बिजली- चपला, चंचला, दामिनी, सौदामनी।
26. मेघ- बादल, जलधर, पयोद, पयोधर, घन।
27. राजा- नृप, नृपति, भूपति, नरपति।
28. रजनी- रात्रि, निशा, यामिनी, विभावरी।
29. सर्प- सांप, अहि, भुजंग, विषधर।
30. सागर- समुद्र, उदधि, जलधि, वारिधि।
31. सिंह- शेर, वनराज, शार्दूल, मृगराज।
32. सूर्य- रवि, दिनकर, सूरज, भास्कर।
33. स्त्री- ललना, नारी, कामिनी, रमणी, महिला।
34. शिक्षक- गुरु, अध्यापक, आचार्य, उपाध्याय।
35. हाथी- कुंजर, गज, द्विप, करी, हस्ती।
36. अहंकार- दंभ, गर्व, अभिमान, दर्प, मद, घमंड।
37. अमृत- सुधा, अमिय, पीयूष, सोम, मधु, अमी।
38. असुर- दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज, रात्रिचर।
39. अतिथि- मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।
40. अनुपम- अपूर्व, अतुल, अनोखा, अदभुत, अनन्य।
41. अर्थ- धन्, द्रव्य, मुद्रा, दौलत, वित्त, पैसा।
42. अश्व- हय, तुरंग, बाजी, घोड़ा, घोटक।
43. अंधकार- तम, तिमिर, तमिस्र, अँधेरा।
44. आम- रसाल, आम्र, सौरभ, मादक, अमृतफल, सहुकार।
45. आग- अग्नि, अनल, हुतासन, पावक, दहन, ज्वलन, धूमकेतु, कृशानु, वहनि, शिखी, वह्नि।
46. आँख- लोचन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि, अक्षि।
47. आकाश- नभ, गगन, अम्बर, व्योम, अनन्त, आसमान, अंतरिक्ष, शून्य, अर्श।
48. आनंद- हर्ष, सुख, आमोद, मोद, प्रमोद, उल्लास।
49. आश्रम- कुटी, विहार, मठ, संघ, अखाडा।
50. आंसू- नेत्रजल, नयनजल, चक्षुजल, अश्रु।
51. आत्मा- जीव, देव, चैतन्य, चेतनतत्तव, अंतःकरण।
52. इच्छा- अभिलाषा, अभिप्राय, चाह, कामना, लालसा, मनोरथ, आकांक्षा, अभीष्ट।
53. इन्द्र- सुरेश, सुरेन्द्र, देवेन्द्र, सुरपति, शक्र, पुरंदर, देवराज।
54. ईश्वर- परमात्मा, प्रभु, ईश, जगदीश, भगवान, परमेश्वर, जगदीश्वर, विधाता।
55. ओंठ- ओष्ठ, अधर, होठ।
56. कमल- नलिन, अरविन्द, उत्पल, राजीव, पद्म, पंकज, नीरज, सरोज, जलज, जलजात।
57. कृपा- प्रसाद, करुणा, दया, अनुग्रह।
58. किताब- पोथी, ग्रन्थ, पुस्तक।
59. कपड़ा- चीर, वसन, पट, अंशु, कर, मयुख, वस्त्र, अम्बर, परिधान।
60. किरण- ज्योति, प्रभा, रश्मि, दीप्ति, मरीचि।
61. किसान- कृषक, भूमिपुत्र, हलधर, खेतिहर, अन्नदाता।
62. कृष्ण- राधापति, घनश्याम, वासुदेव, माधव, मोहन, केशव, गोविन्द, गिरधारी।
63. कान- कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल।
64. कोयल- कोकिला, पिक, काकपाली, बसंतदूत, सारिका, कुहुकिनी, वनप्रिया।
65. क्रोध- रोष, कोप, अमर्ष, कोह, प्रतिघात।
66. गज- हाथी, हस्ती, मतंग, कूम्भा, मदकल ।
67. गाय- गौ, धेनु, सुरभि, भद्रा, रोहिणी।
68. गंगा- देवनदी, मंदाकिनी, भगीरथी, विश्नुपगा, देवपगा, ध्रुवनंदा, सुरसरिता, देवनदी, जाह्नवी, त्रिपथगा।
69. गणेश- विनायक, गजानन, गौरीनंदन, गणपति, गणनायक, शंकरसुवन, लम्बोदर, महाकाय।
70. गृह- घर, सदन, गेह, भवन, धाम, निकेतन, निवास, आलय, आवास, निलय, मंदिर।
71. गर्मी- ताप, ग्रीष्म, ऊष्मा, गरमी, निदाघ।
72. चरण- पद, पग, पाँव, पैर।
73. चंद्रमा- चाँद, हिमांशु, इंदु, विधु, तारापति, चन्द्र, शशि, हिमकर, राकेश, रजनीश, निशानाथ, सोम, मयंक, सारंग, सुधाकर, कलानिधि।
74. जल- अमृत, सलिल, वारि, नीर, तोय, अम्बु, उदक, पानी, जीवन, पय, पेय।
75. जंगल- विपिन, कानन, वन, अरण्य, गहन, कांतार, बीहड़, विटप।
76. जेवर – गहना, अलंकार, भूषण, आभरण, मंडल।
77. झूठ- असत्य, मिथ्या, मृषा, अनृत।
78. तालाब- सरोवर, जलाशय, सर, पुष्कर, पोखरा, जलवान, सरसी।
79. दास- सेवक, नौकर, चाकर, परिचारक, अनुचर।
80. दरिद्र- निर्धन, ग़रीब, रंक, कंगाल, दीन।
81. दिन- दिवस, याम, दिवा, वार, प्रमान।
82. दुःख- पीड़ा,कष्ट, व्यथा, वेदना, संताप, शोक, खेद, पीर, लेश।
83. दूध- दुग्ध, क्षीर, पय।
84. दुष्ट- पापी, नीच, दुर्जन, अधम, खल, पामर।
85. दर्पण- शीशा, आरसी, आईना, मुकुर।
86. दुर्गा- चंडिका, भवानी, कुमारी, कल्याणी, महागौरी, कालिका, शिवा।
87. देवता- सुर, देव, अमर, वसु, आदित्य, लेख।
88. धन- दौलत, संपत्ति, सम्पदा, वित्त।
89. धरती- धरा, धरती, वसुधा, ज़मीन, पृथ्वी, भू, भूमि, धरणी, वसुंधरा, अचला, मही, रत्नवती, रत्नगर्भा।
90. धनुष- चाप्, शरासन, कमान, कोदंड, धनु।
91. नदी- सरिता, तटिनी, सरि, सारंग, जयमाला, तरंगिणी, दरिया, निर्झरिणी।
92. नया- नूतन, नव, नवीन, नव्य।
93. नाव- नौका, तरणी, तरी।
94. पवन- वायु, हवा, समीर, वात, मारुत, अनिल, पवमान, समीरण, स्पर्शन।
95. पहाड़- पर्वत, गिरि, अचल, शैल, धरणीधर, धराधर, नग, भूधर, महीधर।
96. पक्षी- खेचर, दविज, पतंग, पंछी, खग, चिडिया, गगनचर, पखेरू, विहंग, नभचर।
97. पति- स्वामी, प्राणाधार, प्राणप्रिय, प्राणेश, आर्यपुत्र।
98. पत्नी- भार्या, वधू, वामा, अर्धांगिनी, सहधर्मिणी, गृहणी, बहु, वनिता, दारा, जोरू, वामांगिनी।
99. पुत्र- बेटा, आत्मज, सुत, वत्स, तनुज, तनय, नंदन।
100. पुत्री- बेटी, आत्मजा, तनूजा, सुता, तनया।
101. पुष्प- फूल, सुमन, कुसुम, मंजरी, प्रसून, पुहुप।
102. बादल- मेघ, घन, जलधर, जलद, वारिद, नीरद, सारंग, पयोद, पयोधर।
103. बालू- रेत, बालुका, सैकत।
104. बन्दर- वानर, कपि, कपीश, हरि।
105. बिजली- घनप्रिया, इन्द्र्वज्र, चंचला, सौदामनी, चपला, दामिनी, ताडित, विद्युत।
106. भूषण- जेवर, गहना, आभूषण, अलंकार।
107. अंधकार — तम, तिमिर, अँधेरा, अँधियारा, ध्वांत, तमिस्र, तमस।
108. अंधा — नेत्रहीन, चक्षुहीन, विवेकशून्य, दृष्टिहीन।
109. अहंकार — दर्प, दम्भ, अभिमान, घमण्ड, गर्व, मद।
110. अतिथि — मेहमान, पाहुना, आगंतुक, अभ्यागत, बटाऊ।
111. अग्नि — आग, अनल, पावक, वह्नि, ज्वाला, कृशानु, वैश्वानर, धनंजय, दहन, सर्वभक्षी, जातवेद, हुताशन, हव्यवान, ज्वलन, शिखा, वैसन्दर, रोहिताश्व, कृपीटयोनि, तनूनपात, शोचिष्केनश, उषर्बुध, आश्रयाश, वृहदभानु, वायुसख, चित्रभानु, विभावस्, शुचि, अप्पिन्त।
112. अकाल — सूखा, दुर्भिक्ष, भुखमरी, कमी, काळ (राजस्थानी)।
113. अध्यापक — गुरु, आचार्य, शिक्षक, प्रवक्ता, उपाध्याय।
114. अमृत — सुधा, पीयूष, अमिय, सोम, सुरभोग, जीवनोदक, अमी, मधु, दिव्य पदार्थ।
115. अनुपम — अनूप, अपूर्व, अतुल, अनोखा, अद्भुत, अनन्य, अद्वितीय, बेजोड़, बेमिसाल, अनूठा, निराला, अभूतपूर्व, विलक्षण।
116. असुर — दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज, रात्रिचर, जातुधान, तमीचर, मायावी, सुरारि, निश्चिर, मनुजाद।
117. अचल — अटल, अडिग, अविचल, स्थिर, दृढ़।
118. अनाथ — यतीम, नाथहीन, बेसहारा, दीन, निराश्रित।
119. अपमान — अनादर, बेइज्जती, अवमानना, निरादर, तिरस्कार।
120. अभिजात — संभ्रान्त, कुलीन, श्रेष्ठ, योग्य।
121. अभिप्राय — आशय, तात्पर्य, मतलब, अर्थ, मंशा, व्याख्या, भाष्य, टीकापिप्पणी।
122. अरण्य — जंगल, अटवी, विपिन, कानन, वन, कान्तार, दावा, गहन, बीहड़, विटप।
123. अजेय — अदम्य, अपराजेय, अपराजित, अजित।
124. अन्य — पर, भिन्न, पृथक, और, दूसरा, अलग।
125. अनुचर — भृत्य, किँकर, दास, परिचारक, सेवक।
126. अनार — शुकप्रिय, रामबीज, दाड़िम।
127. अर्जुन — पार्थ, धनंजय, सव्यसाची, गाण्डीवधारी।
128. अक्षर — हरफ, ब्रह्म, अ आदि वर्ण, अविनाशी।
129. अनाज — अन्न, धान्य, खाद्यान्न, शस्य, गल्ला।
130. अधिकार — हक, स्वामित्व, स्वत्व, कब्जा, आधिपत्य।
131. अनुमान — अंदाज, तखमीना, अटकल, कयास।
132. अनुमति — इजाजत, आज्ञा, अनुज्ञा, मंजूरी, स्वीकृति।
133. अप्सरा — देवांगना, सुरांगना, देवकन्या, सुखनिता, अरुणप्रिया।
134. अवनति — अपकर्ष, ह्रास, गिराव, उतार।
135. अशुद्ध — दूषित, अपवित्र, मलिन, गंदा, गलत।
136. अस्त — ओझल, गायब, छिपना, तिरोहित।
137. आँख — नेत्र, नयन, चक्षु, दृग, लोचन, अक्षि, नजर, दृष्टि, विलोचन।
138. आँसू — अश्रु, नयनजल, नेत्रनीर, नैत्रज, दृगजल, दृगम्बु।
139. आँधी — तूफान, चक्रवात, झंझावत, बवंडर।
140. आँगन — अंगना, प्रांगण, बाखर, बगर, अजिर, बाड़ा।
141. आकाश — नभ, अंबर, व्योम, गगन, अनंत, शून्य, तारापथ, अन्तरिक्ष, दुष्कर, आसमान, महानील, द्यौ, शून्यरव, दिव, अभ्र, सुखर्त्यन्, क्यित, विहायस, नाक, द्युस्।
142. आम — आम्र, रसाल, सहकार, अमृतफल, अम्बु, सौरभ, मादक।
143. आनन्द — आमोद, प्रमोद, प्रसन्नता, हर्ष, उल्लास, आह्लाद, मोद, मुद, खुशी, मजा, सुख, चैन, विहार।
144. आन — प्रण, प्रतिज्ञा, हठ, शपथ, घोषणा, मर्यादा।
145. आभूषण — जेवर, गहना, भूषण, आभरण, मंडन, अलंकार।
146. आत्मा — चैतन्य, विभु, जीव, सर्वज्ञ, सर्वव्याप्त, देव, चेतनतत्त्व, अन्तःकरण।
147. आज्ञा — आदेश, निदेश, हुक्म।
148. आयु — उम्र, वय, अवस्था, जीवनकाल।
149. आदर्श — मानक, प्रतिमान, नमूना, प्रतिरूप।
150. आदि — प्रथम, आरम्भिक, पहला, अथ।
151. आपत्ति — विपत्ति, आपदा, संकट, मुसीबत।
152. आश्रय — अवलंब, सहारा, आधार, प्रश्रय, आसरा।
153. आश्रम — कुटी, विहार, मठ, संघ, अखाड़ा।
154. आचरण — व्यवहार, चाल–चलन, बरताव।
155. आयुष्मान — चिरायु, दीर्घायु, चिरंजीव।
156. इन्द्र — महेन्द्र, देवराज, देवेश, सुरपति, शचिपति, वासव, पुरन्दर, सुरेन्द्र, सुरेश, देवेन्द्र, मघवा, शक्र, पुरहूत, देवपति, उर्वशीनाथ, सुनासीर, वज्री, वृत्रहा, नाकपति, सलस्राक्ष।
157. इच्छा — अभिलाषा, आकांक्षा, कामना, चाह, ईप्सा, मनोरथ, ईहा, स्पृहा, उत्कंठा, लालसा, वांछा, लिप्सा, काम, चाव।
158. ईश्वर — परमात्मा, प्रभु, ईश, जगदीश, भगवान, परमेश्वर, जगदीश्वर, विधाता, दीनबन्धु, जगन्नाथ, हरि, राम, विश्वम्भर।
159. ईर्ष्या — जलन, डाह, द्वेष, खार, रश्क, कुढ़न।
160. ईनाम — उपहार, पुरस्कार, पारितोषिक, बख्शीश।
161. ईमानदारी — सदाशयता, निष्कपटता, दयानतदारी।
162. उपहास — मजाक, खिल्ली, परिहास, मखौल, हास, प्रहसन्न, हँसी, लास।
163. उपवन — बाग, बगीचा, उद्यान, वाटिका, फुलवारी, गुलशन।
164. उत्तम — श्रेष्ठ, उत्कृष्ट, प्रवर, प्रकृष्ट, बेहतरीन, अच्छा।
165. उत्थान — उत्कर्ष, आरोह, चढ़ाव, उत्क्रमण, उन्नति, प्रगति, उन्नयन।
166. उदाहरण — दृष्टांत, मिसाल, नजीर, नमूना।
167. उपकार — भलाई, नेकी, हितसाधन, कल्याण, मदद, परोपकार।
168. उत्सव — समारोह, पर्व, त्यौहार, जलसा, जश्न।
169. उदय — प्रकट होना, आरोहण, चढ़ना।
170. उदास — दुखी, रंजीदा, विरक्त, अनमना, अन्यमनस्क।
171. उद्देश्य — लक्ष्य, ध्येय, हेतु, प्रयोजन।
172. उद्यम — साहस, उद्योग, परिश्रम, व्यवसाय, धंधा, कार्य, व्यापार, कर्म, क्रिया।
173. उपमा — तुलना, मिलान, सादृश्य, समानता।
174. उदर — पेट, कुक्ष, जठर।
175. ऊँट — उष्ट्र, क्रमलेक, मरुयान, लम्बोष्ठ, महाग्रीव।
176. एकान्त — सूना, निर्जन, जनशून्य।
177. ऐश्वर्य — वैभव, सम्पन्नता, समृद्धि, प्रभुत्व, ठाठ–बाट।
178. ओझल — गायब, लुप्त, अदृश्य, अंतर्धान, तिरोभूत।
179. ओस — तुषार, हिमकण, शबनम, हिमबिँदु।
180. ओष्ठ — अधर, रदच्छद, लब, किनारा, होठ, ओँठ।
181. कमल — नलिन, अरविन्द, उत्पल, राजीव, पद्म, पंकज, नीरज, सरोज, जलज, जलजात, वारिज, शतदल, अम्बुज, पुण्डरिक, अब्ज, सरसिज, इंदीवर, ताम्ररस, कंज, वनज, अम्भोज, सहस्रदल, पुष्कर, कुवलय, पङ्करुह, सरसीरुह, कोकनद।
182. कल्पवृक्ष — देवदारु, सुरतरु, मन्दार, पारिजात, कल्पद्रुम, देववृक्ष, सुरद्रुम, कल्पतरु।
183. कबूतर — कपोत, हारीत, परेवा, पारावत, रक्तलोचन।
184. कर्ण — अंगराज, सूतपुत्र, सूर्यपुत्र, राधेय, कौन्तेय।
185. करुणा — दया, प्रसाद, अनुग्रह, अनुकंपा, कृपा, मेहरबानी।
186. कर्ज — ऋण, उधार, देनदारी, देयता।
187. कलंक — लांछन, दोष, दाग, तोहमत, धब्बा, कालिख पोतना।
188. कमर — कटि, श्रोणि, लंक, मध्यांग।
189. कस्तूरी — मृगनाभि, मृगमद, मदलता।
190. कवि — कल्पक, सृष्टा, काव्यकार, रचनाकार।
191. कलश — घट, घड़ा, गागर, गगरी, मटका, घटिका, कुंभ, कुट।
192. कपड़ा — वस्त्र, चीर, वसन, अंबर, पट, कर्पट, दुकूल, परिधान।
193. कष्ट — दुःख, दर्द, पीड़ा, मुसीबत, व्यथा, कठिनाई, व्याधि, कलेश, विषाद, संताप, वेदना, यातना, यंत्रणा, पीर, भीर, संकट, शोक, श्वेद, क्षोम, उत्पीड़न।
194. कामदेव — काम, अनंग, मदन, मनोज, मन्मथ, कन्दर्प, स्मर, रतिपति, पुष्पधन्वी, मयन, मीनकेतु, पंचशर, मकरध्वज, मनसिज, पुष्पशायक, पंचबाण, मनोभव, कुसुमायुध, मार, सारंग, दर्पक, शम्बरारि।
195. कान — कर्ण, श्रवण, श्रवणेन्द्रिय, श्रोत, श्रुतिपुट, श्रुतिपटल।
196. कान्ति — चमक, आभा, प्रभा, सुषमा, द्युति।
197. किरण — रश्मि, कर, मरीचि, मयूख, अंशु, दीधिति, वसु, ज्योति, दीप्ति।
198. किताब — पोथी, ग्रन्थ, पुस्तक, गुटका।
199. किनारा — तट, तीर, कूल, पुलिन, पर्यंत, बेलातट।
200. कुबेर — यक्षराज, धनाधिप, धनद, धनपति।
201. कुत्ता — श्वान, शुनक, गंडक, कूकर, श्वजन।
202. क्रूर — निष्ठुर, निर्मोही, बर्बर, नृशंस, निर्दयी।
203. कृष्ण — श्याम, कन्हैया, वासुदेव, मोहन, राधास्वामी, नंदलाल, मुरलीधर, बनवारी, माधव, मधुसूदन, गिरिधर, गोपाल, गोपीवल्लभ, विश्वंभर, नटवर, गिरधारी, चतुर्भुज, नारायण, जनार्दन, पुरुषोत्तम, अच्युत, गरुड़ध्वज, कैटमारि, घनश्याम, चक्रपाणि, पद्मनाभ, राधापति, मुकुन्द, गोविन्द, केशव।
204. कृतज्ञ — आभारी, उपकृत, अनुगृहीत, कृतार्थ, ऋणी।
205. कृषक — किसान, हलवाहा, भूमिसुत, खेतिहर, कृषिजीवी, हलधर, अन्नदाता, भूमिपुत्र।
206. क्रोध — गुस्सा, रीस, अमर्ष, रोष, शेष, कोप, कोह, प्रतिघात।
207. केला — कदली, भानुफल, रंभा, गजवसा, कुंजरासरा, मोचा।
208. केश — बाल, शिरोरुह, कच, कुंतल, पश्म, चिकुर, अलक।
209. कोयल — पिक, कलकंठ, कोकिला, श्यामा, काकपाली, बसंतदूत, सारिका, कुहुकिनी, वनप्रिया, सारंग, कलापी, कोकिल, परभृत।
210. कौआ — काक, वायस, पिशुन, करटक, काग।
211. क्षमा — माफी, सहनशीलता, सहिष्णुता।
212. खंभा — यूप, स्तंभ, खंभ, स्तूप।
213. खल — अधम, दुष्ट, दुर्जन, धूर्त, कुटिल, नीच, पामर, पिशुन, निकृष्ट, शठ।
214. खिड़की — गवाक्ष, झरोखा, बारी, वातायन, दरीचा।
215. गंगा — देवनदी, मंदाकिनी, भगीरथी, विष्णुपदी, देवपगा, ध्रुवनंदा, सुरसरिता, देवनदी, जाह्नवी, त्रिपथगा, देवगंगा, सुरापगा, विपथगा, स्वर्गापगा, आपगा, सुरधनी, विवुधनदी, विवुधा, पुण्यतीया, नदीश्वरी, भीष्मसू।
216. गणेश — विनायक, गजानन, गौरीनंदन, गणपति, गणनायक, शंकरसुवन, लम्बोदर, महाकाय, एकदन्त, गजवदन, मूषकवाहन, वक्रतुण्ड, विघ्ननाशक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, गणराज, भालचन्द्र, पार्वतीनंदन, सिद्धिसदन।
217. गरुड़ — वैनतेय, खगकेतु, हरिवाहन, खगेश, पक्षिराज, उरगरिपु।
218. गधा — गदहा, खर, गर्दभ, रासभ, वेशर, चक्रीवान, वैशाखनन्दन।
219. गला — कण्ठ, ग्रीवा, शिरोधरा।
220. गाय — गौ, गऊ, गैया, धेनु, सुरभी, गौरी, पयस्विनी, दौग्धी, भ्रदा, ऋषिभि, सुरभिवच्छा, माहेयी।
221. ग्रीष्म — घाम, निदाघ, ताप, ऊष्मा, गर्मी, उष्ण।
222. गीदड़ — शृगाल, सियार, जंबूक।
223. गुलाब — शतपत्र, पाटल, वृत्तपुष्प, स्थलकमल।
224. गुरु — शिक्षक, अध्यापक, आचार्य, अवबोधक।
225. घर — गृह, सदन, गेह, भवन, धाम, निकेतन, निवास, आलय, आवास, निलय, मंदिर, मकान, आगार, निकेत, अयन, आयतन, शाला, ओक, सौध, केत।
226. घृत — घी, नवनीत, अमृत, आज्य, हव्य, सर्पि।
227. घोड़ा — घोटक, अश्व, तुरंग, हय, वाजि, सैन्धव, तुरंगम, बाजी, वाह, तरंग, रविपुत्र।
228. घोड़ी — अश्विनी, वामी, प्रसू, प्रसूका।
229. चंदन — मलय, मंगल्य, गंधराज।
230. चन्द्रमा — चाँद, हिमांशु, इंदु, विधु, तारापति, चन्द्र, शशि, हिमकर, राकेश, रजनीश, निशानाथ, सोम, मयंक, सारंग, सुधाकर, कलानिधि, सुधांशु, निशाकर, शशांक, राकापति, मृगांक, औषधीश, द्विजराज, रजनीपति, क्षयनाथ, विश्व विलोचन, राकेन्दु, चन्द्रिकाकान्त, दधिसुत, हियभानु, हियवान, हियकर, मरीचिमाली, क्षयाकर, नक्षत्रेश।
231. चतुर — कुशल, प्रवीण, निपुण, योग्य, पटु, नागर, होशियार, दक्ष, चालाक।
232. चरण — पद, पग, पाँव, पैर, पाँव।
233. चाँदनी — चन्द्रिका, कौमुदी, ज्योत्स्ना, चन्द्रमरीचि, उजियारी, अमला, जुन्हाई।
234. चाँदी — रजत, रूपक, रूपा, रौप्य, कलधौत, जातरूप।
235. चोर — धनक, रजनीचर, तस्कर, मौषक, कुंभिल।
236. छल — कपट, छद्म, धोखा, व्याज, वंचना, प्रवंचना, ठगी।
237. छिपकली — गोधिका, विषतूलिका, माणिक्य।
238. जंगल — विपिन, कानन, वन, अरण्य, गहन, कांतार, बीहड़, विटप।।
239. जल — नीर, सलिल, उदक, अम्बु, तोय, जीवन, वारि, पय, मेघपुष्प, पानी, वन जीवम, पुष्कर, सारंग, रस, पात, क्षीर, धनरस, वसु, अम्भ, शम्बर, अमृत, पानीय, अप।
240. जन्म — उद्भव, उत्पति, आविर्भाव, पैदाइश।
241. जहर — विष, गरल, हलाहल, कालकूट, गर।
242. जवान — युवा, युवक, तरुण, किशोर।
243. जीभ — जिह्वा, रसना, रसज्ञा, रसिका।
244. जीव — प्राणी, प्राण, चैतन्य, जान।
245. झरना — प्रपात, निर्झर, उत्स, स्रोता।
246. झूठ — असत्य, मिथ्या, मृषा, अनृत।
247. झोँपड़ी — कुंज, कुटिया, पर्णकुटी।
248. तलवार — असि, चन्द्रहास, खड़्ग, कृपाण, करवाल, खंग।
249. तरकस — तूणीर, निषंग।
250. त्वचा — चर्म, चमड़ी, खाल, चाम।
251. तालाब — सरोवर, जलाशय, सर, पुष्कर, पोखरा, जलवान, सरसी, तड़ाग, पद्माकर, हृद, कासार, पल्वल, पुष्पकरण, सरस, सरक, सरस्वत, सत्र, सारंग।
252. तारा — उडु, नखत, नक्षत्र, तारक, तारिका, ऋक्ष, सितारा।
253. तोता — शुक, कीर, सुआ, वक्रतुण्ड, दाड़िमप्रिय।
254. थोड़ा — कम, जरा, स्वल्प, तनिक, न्यून, अल्प, किँचित, मामूली।
255. दर्पण — शीशा, आरसी, आईना, मुकुर।
256. दल — समूह, झुण्ड, झल, निकर, गण, तोम, वृन्द, पुंज।
257. दरिद्र — गरीब, विपन्न, धनहीन, निर्धन, कंगाल।
258. दाँत — दन्त, रद, दशन, रदन, द्विज, मुखक्षुर।
259. दिन — वासर, वासक, दिवस, दिवा, अह्न, आह्न, अर्हि, अहः, वार।
260. दुःख — पीड़ा, क्लेश, वेदना, यातना, खेद, कष्ट, व्यथा, शोक, यन्त्रणा, सन्ताप, संकट, श्वेद, क्षोभ, विषाद, उत्पीड़न, पीर, लेश।
261. दुर्गा — चंडिका, भवानी, कुमारी, कल्याणी, महागौरी, कालिका, शिवा, चामुण्डा, चण्डी, सुभद्रा, कामाक्षी, काली, अम्बा, शेरावाली, ज्वाला, गौरी।
262. दूध — क्षीर, पय, दुग्ध, गोरस, सरस।
263. देवता — सुर, अजर, अमर, देव, विवुध, गोर्वाण, निर्जर, वसु, आदित्य, लेख, वृन्दारक, अजय, सुमना, अमर्त्य, त्रिदश, ऋभु, सुपर्वा, दिदिवेश, त्रिवौकस, आदितेय।
264. देश — वतन, स्थान, मुल्क, क्षेत्र, झर्झरीक।
265. दिव्य — अलौकिक, लोकोत्तर, लोकातीत।
266. द्रौपदी — कृष्णा, पांचाली, याज्ञसेनी।
267. धन — अर्थ, वित्त, सम्पत्ति, द्रव्य, सम्पदा, दौलत, मुद्रा, लक्ष्मी, श्री।
268. धनुष — कोदण्ड, चाप, शरासन, कमान, धनु, विशिखासन।
269. ध्वजा — ध्वज, निशान, केतु, पताका, झण्डा, वैजयन्ती।
270. ध्वनि — आवाज, स्वर, शब्द, नाद, रव।
271. धरती — पृथ्वी, उर्वि, वसुन्धरा, अचला, क्ष्मा, कु, भू, क्षोणी, विपुला, जगती, पुहिम, धरा, धरणी, रसा, मही, वसुमति, मेदिनी, गह्वरी, धात्री, क्षिति, भूमि, अनन्ता, अवनि, तृणधरी, धरित्र, रत्नगर्भा।
272. नर — व्यक्ति, जन, मनुष्य, मनुज, आदमी, पुरुष, मानव, काम्य, सौम्य, नृ।
273. नदी — निम्नगा, कूलकंषा, सरिता, सरि, धुनि, आपगा, सरित, नोचगा, तटिनी, प्रवाहिनी, शर्करी, निर्झरिणी, फूलंकषा, जलमाला, नद, तरंगिणी, रजवती, स्रोतस्विनी, शैवालिनी।
274. नकुल — नेवला, महादेव, वंशरहित, युधिष्ठिर का भाई।
275. नया — नूतन, नव, नवीन, नव्य।
276. नश्वर — नाशवान, क्षणी, क्षणभंगुर, क्षणिक।
277. नारद — ब्रह्मर्षि, देवर्षि, ब्रह्मापुत्र।
278. नारी — महिला, वनिता, ललना, रमणी, स्त्री, कामिनी, औरत, अबला, तिय, भामा, काम्या, सोम्या, भामिनी, अंगना, कलत्र, तरुणी, त्रिया, प्रमदा, भात्रिनी, बारा, तन्वंगी।
279. नाश — विनाश, ध्वंस, क्षय, तबाही, संहार, नष्ट।
280. नाव — नौका, तरणी, जलयान, तरी, डोँगी, पोत, पतंग, नैया।
281. निँदा — बुराई, अपयश, बदनामी, चुगली।
282. नियति — प्रारब्ध, भाग्य, होनी, भावी, दैत्य, होनहार।
283. निर्मल — स्वच्छ, शुद्ध, साफ, उज्ज्वल, पवित्र, पावन।
284. नौकर — अनुचर, सेवक, किँकर, चाकर, भृत्य, परिचारक, दास।
285. पंडित — विद्वान, कोविद, सुधी, मनीषी, बुध, प्राज्ञ, धीर, विचक्षण।
286. पहाड़ — पर्वत, अचल, गिरि, नग, भूधर, महीधर, शैल, अद्रि, मेरु, धराधर, नाग, गोत्र, शिखरी, तुंग।
287. पक्षी — द्विज, शकुनि, पतंग, अंडज, शकुन्त, चिड़िया, विहंगम, विहग, खग, नभचर, खेचर, पंछी, पखेरू, परिन्दा।
288. पवन — अनिल, वात, वायु, बयार, समीर, हवा, मरुत, मारुत, प्रभंजन।
289. पति — भर्ता, वल्लभ, स्वामी, बालम, अधिपति, भरतार, अधिईश, कान्त, नाथ, आर्यपुत्र, वर, प्राणाधार, प्राणेश, प्राणप्रिय।
290. पत्नी — भार्या, दारा, सहधर्मिणी, वधु, गृहिणी, बहू, कलम, प्राणप्रिया, प्राणवल्लभा, तिय, वामा, वामांगीत्रिया, अर्द्धांगिनी, गृहिणी, कलत्र, कान्ता, अंगना।
291. पथ — राह, रास्ता, मार्ग, बाट, पंथ।
292. पराग — रज, पुष्परज, केशर, कुसुमरज।
293. पत्ता — पर्ण, पल्लव, दल, किसलय, पत्र।
294. प्रकाश — रोशनी, आलोक, उजाला, प्रभा, दीप्ति, छवि, ज्योति, चमक, विकास।
295. पत्थर — पाषाण, शिला, पाहन, प्रस्तर, उपल।
296. प्रातः — प्रभात, सुबह, अरुणोदय, उषाकाल, अहर्मुख, सवेरा।
297. पान — ताम्बूल, नागरबेल, मुखमंडन, मुखभूषण।
298. पाला — हिम, तुषार, नीहार, प्रालेय।
299. पाप — अघ, पातक, दुष्कृत्य, अधर्म, अनाचार, अपकर्म, जुल्म, अनीत।
300. पार्वती — गिरिजा, शैलजा, उमा, भवानी, शिवा, शिवानी, दुर्गा, अम्बिका, रुद्राणी, कात्यायिनी, गौरी, शंकरी, अपर्णा, गिरितनया, आर्या, मैनादुलारी।
301. प्रेम — प्यार, प्रीति, अनुराग, राग, हेत, स्नेह, प्रणय।
302. पिता — जनक, तात, पितृ, बाप, प्रसवी, पितु, पालक, बप्पा।
303. पुत्र — बेटा, आत्मज, सुत, वत्स, तनुज, तनय, नंदन, लाल, लड़का, पूत, सुवन।
304. पुत्री — बेटी, आत्मजा, तनुजा, सुता, तनया, दुहिता, नन्दिनी, लड़की।
305. पेड़ — विटप, द्रुम, तरु, वृक्ष, पादप, रूख, शारणी, भूरुह, शाखी।
306. प्यास — पिपासा, तृषा, तृष्णा, तिषा, तिष, पिष।
307. प्रसन्न — खुश, हर्षित, प्रसादपूर्ण, आनन्दित।
308. फूल — कुसुम, सुमन, पुष्प, मंजरी, प्रसून, फलपिता, पुहुप, लतांत, प्रसूमन।
309. बलराम — हलधर, मूसली, रेवतीरमण, हली।
310. बसंत — ऋतुराज, माधव, कुसुमाकर, मधुऋतु, मधुमास, मधु।
311. बहिन — सहोदरा, भगिनी, सहगर्भिणी, बान्धवी।
312. ब्रह्मा — अज, विधि, विधाता, सृष्टा, प्रजापति, चतुरानन, चतुर्मुख, नाभिज, सदानन्द, विरंचि, आत्मभू, स्वयंभू, पद्मयोनि, हिरण्यगर्भ, लोकेश, सृष्टा, अब्जयोनि, कमलासन, गिरापति, रजोमूर्ति, हंसवाहन, धाता।
313. बन्दर — वानर, मर्कट, शाखामृग, हरि, लंगूर, कपि, कीश।
314. बर्फ — तुषार, हिम, तुहिन, नीहार।
315. ब्राह्मण — द्विज, विप्र, अग्रजन्मा।
316. ब्याह — शादी, विवाह, परिणय, पाणिग्रहण।
317. बाघ — व्याघ्र, शार्दूल, चित्रक, चीता।
318. बाज — श्येन, शशदिन, कपोतारि।
319. बाण — तीर, शायक, शिलीमुख, नाराच, शर, विशिख, कलाप, आशुग।
320. बालू — रेत, बालुका, सैकत।
321. बादल — पयोद, वारिद, जलद, नीरद, तोयद, अम्बुद, मेघ, पयोधर, जलधर, अब्द, बलाहक, कन्द, अभ्र, घन, पर्जन्य, वारिवाह, तड़ित्वान, सारंग, जीयूत, घुख।
322. बालक — शिशु, बच्चा, शावक।
323. बिजली — शम्पा, शतह्रदा, ह्रादिनी, ऐरावती, क्षणप्रिया, तड़ित, सौदामिनी, विद्युत, चंचला, चपला, दामिनी, बिज्जु, बिजुरी, अशनि, क्षणप्रभा।
324. बिल्ली — मार्जारी, विलास, विड़ाल।
325. बुद्धि — मति, मेधा, धी, मनीषा, प्रज्ञा, अक्ल, विवेक।
326. बैल — वृषभ, वृष, ऋषभ, नंदी, शिखी।
327. भय — त्रास, डर, आतंक, भीति।
328. भैँस — महिषी, कासरी, सैरिभी, लुलापा।
329. भ्राता — भाई, बान्धव, सगर्भा, सहोदर, भातृ, तात, बन्धु।
330. भाग्य — ललाट, तकदीर, भाग, अंक, भाल, किस्मत।
331. भालू — रीछ, जंबू, ऋक्ष्य।
332. भिखारी — भिक्षुक, याचक, मँगता, मँगन, भिक्षोपजीवी।
333. भौँरा — मधुप, भ्रमर, अलि, मधुकर, षटपद, भृंग, चंचरीक, शिलीमुख, मिलिँद, मारिन्द, मधुलोभी, मकरन्द, द्विरेफ, मधुवत, मधुसिँह।
334. मक्खन — नवनीत, लौनी, माखन, दधिसार।
335. मछली — मकर, शफरी, मीन, मत्स्य, झख, पाठीन, झष।
336. मदिरा — दारू, शराब, सुरा, मद्य, मधु, वारुणी, कादम्बरी, माधव, हाला।
337. मांस — आमिष, गोश्त, पलल, पिशित।
338. माता — माँ, जननी, अम्बा, धात्री, प्रसू, अम्बिका, प्रसूता, प्रसविनी, प्रसवित्री, मैया, मात, अम्मा, जन्मदायिनी।
339. मित्र — संगी, साथी, सहचर, दोस्त, सखा, सुहृद, मीत, मितवा, यार।
340. मुख — मुँह, चेहरा, वदन, आनन।
341. मुनि — साधु, महात्मा, संत, बैरागी, तापस, तपस्वी, संन्यासी।
342. मुर्गा — कुक्कुट, ताम्रचूड़, उपाकर, अरुणशिखा।
343. मूर्ख — मूढ़, अज्ञ, अज्ञानी, वालिश।
344. मेँढक — मंडूक, दादुर, वर्षाभू, शातुर, दुर्दर, मण्डूक।
345. मैना — सारिका, चित्रलोचना, कहहप्रिया, मधुरालय, सारी।
346. मोती — मुक्ता, मौक्तिक, सीपज, शशिप्रभा।
347. मोर — मयूर, केकी, शिखी, वर्हि, कलाधर, कलापी, कलकंठ, नीलकंठ, सारंग, भुजंगभुक्, शिखाबल, चन्द्रकी, मेघानन्दी, शिखण्डी, क्षितिपति, अधिपति।
348. मृत्यु — मौत, निधन, देहान्त, प्राणान्त, मरना, निऋति, स्वर्गवास।
349. मोक्ष — मुक्ति, निर्वाण, कैवल्य, अपवर्ग, अमृतपद।
350. यमराज — यम, धर्मराज, हरि, जीवनपति, सूर्यपुत्र।
351. यमुना — कृष्णा, कालिँदी, सूर्यजा, तरणिजा, तनूजा, अर्कजा, रवितनया, जमुना, श्यामा।
352. युद्ध — रण, संग्राम, समर, लड़ाई, विग्रह, आहव, संख्य, संयुग, संगर।
353. युवती — किशोरी, तरुणी, श्यामा।
354. रक्त — खून, लहू, रुधिर, लोहित, शोणित।
355. राम — रघुपति, सीतापति, रघुवर, राघव, दशरथनंदन, दशरथसुत, रघुकुलमणि, सियावर, जानकीवल्लभ, रघुकुलतिलक।
356. रावण — दशानन, लंकापति, लंकेश, दशकंध, दशासन।
357. राजा — नृप, महीप, नरेश, भूप, नरेन्द्र, भूपति, नृपति, अहिपति, महीपति, भूपाल, राव, अवनिपति, महीश, पार्थिव, महिपाल, अवनीश, क्षोणीव, क्षितिपति, अधिपति।
358. राधा — वृषभानुजा, ब्रजरानी, कृष्णप्रिया, राधिका।
359. रात्रि — रात, रजनी, निशा, क्षपा, वामा, रैन, यामिनी, शर्बरी, यामा, त्रिभामा, विभावरी, तमी, क्षणदा, तमिसा, राका, सारंग।
360. रोगी — बीमार, अस्वस्थ, रुग्ण, व्याधिग्रस्त, रोगग्रस्त।
361. लक्ष्मी — कमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, इन्दिरा, पद्मासना, पद्मानना, लोकमाता, क्षारोदा, क्षीरोदतनया, समुद्रजा, भार्गवी, विष्णुवल्लभा, सिन्धुजा, विष्णुप्रिया, चपला, सिन्धुसुता।
362. लक्ष्मण — लखन, सौमित्र, रामानुज, लषन, शेषावतार, मेघनादारि।
363. लता — वेलि, वल्लरी, वीरुध, बेल।
364. लहर — तरंग, ऊर्मि, वीचि।
365. लोहा — अयस, लौह, सार।
366. वर्ष — साल, बरस, अब्द, वत्सर।
367. वर्षा — बरसात, पावस, बारिश, वर्षण, बरखा।
368. वरुण — अम्बुपति, सागरेश, प्रचेता, समुद्रेश, पाशी।
369. वात्सल्य — स्नेह, लाडप्यार, ममता, लालन, शिशु–प्रेम।
370. विधवा — पतिहीना, अनाथा, राँड।
371. विष्णु — नारायण, केशव, उपेन्द्र, माधव, अच्युत, गरुड़ध्वज, हरि, चक्रपाणि, दामोदर, रमेश, मुरारी, जनार्दन, विश्वम्भर, मुकुन्द, ऋषिकेश, लक्ष्मीपति, विधु, विश्वरूप, जलशायी, सारंगाणि, बनमाली, पीताम्बर, चतुर्भुज, अधोक्षज, पुरुषोत्तम, श्रीपति, वासुदेव, मधुसूदन, मधुरिपु, पद्मनाभ, पुराणपुरुष, दैत्यारि, सनातन, शेषशायी।
372. वियोग — बिछोह, विरह, जुदाई, विप्रलंब।
373. वीर्य — शुक्र, बीज, जीवन।
374. शब्द — ध्वनि, रव, नाद, निनाद, स्वर।
375. शत्रु — रिपु, बैरी, विपक्षी, अरि, अराति, दुश्मन, विरोधी, द्वेषी, अमित्र।
376. शरीर — देह, तन, काया, कलेवर, वपु, गात, विग्रह, तनु, घट, बदन, अवयव, अंगी, गति, काय।
377. शहद — मधु, मकरंद, पुष्परस, पुष्पासव।
378. शत्रुघ्न — रिपुसूदन, शत्रुहन, शत्रुहन्ता।
379. श्वेत — शुभ्र, ध्वल, सफेद, शुक्ल, वलक्ष, अमल, दीप्त, उज्ज्वल, सित।
380. शिकार — आखेट, मृगया, अहेर।
381. शिकारी — बहेलिया, अहेरी, व्याध, लुब्धक।
382. शिष्ट — सभ्य, सुशील, सुसंस्कृत, विनीत।
383. शिव — रुद्र, नीलकंठ, अग्निकेतु, शम्भु, शम्भू, ईश, चन्द्रशेखर, शूली, महेश्वरी, शर्व, शव, भूतेश, पिनाकी, उग्र, कपर्दी, श्रीकंठ, शितिकंठ, वामदेव, विरुपाक्ष, विलोचन, कृशानुरेत, सर्वज्ञ, धूजर्टि, उमापति, पंचानन, ऋतुध्वंसी, स्मरहर, मदनारि, अहिर्बूध्न्य, महानट, गौरीपति, कापालिक, दिगम्बर, गुड़ाकेश, चन्द्रापीड़, श्मशानेश्वर, वृषांक, अंगीरागुरु, अंतक, अंडधर, अंबरीश, अकंप, अक्षतवीर्य, अक्षमाली, अघोर, अचलेश्वर, अजातारि, अज्ञेय, अतीन्द्रिय, अत्रि, अनघ, अनिरुद्ध, अनेकलोचन, अपानिधि, अभिराम, अभीरु, अभदन, अमृतेश्वर, अमोघ, अरिदम, अरिष्टनेमि, अर्धेश्वर, अर्धनारीश्वर, अर्हत, अष्टमूर्ति, अस्थिमाली, आत्रेय, आशुतोष, इंदुभूषण, इंदुशेखर, इकंग, ईशान, ईश्वर, उन्मत्तवेष, उमाकांत, उमानाथ, उमेश, उमापति, उरगभूषण, ऊर्ध्वरेता, ऋतुध्वज, एकनयन, एकपाद, एकलिंग, एकाक्ष, कपालपाणि, कमंडलुधर, कलाधर, कल्पवृक्ष, कामरिपु, कामारि, कामेश्वर, कालकंठ, कालभैरव, काशीनाथ, कृत्तिवासा, केदारनाथ, कैलाशनाथ, क्रतुध्वसी, क्षमाचार, गंगाधर, गणनाथ, गणेश्वर, गरलधर, गिरिजापति, गिरीश, गोनर्द, चंद्रेश्वर, चंद्रमौलि, चीरवासा, जगदीश, जटाधर, जटाशंकर, जमदग्नि, ज्योतिर्मय, तरस्वी, तारकेश्वर, तीव्रानंद, त्रिचक्षु, त्रिधामा, त्रिपुरारि, त्रियंबक, त्रिलोकेश, त्र्यंबक, दक्षारि, नंदिकेश्वर, नंदीश्वर, नटराज, नटेश्वर, नागभूषण, निरंजन, नीलकंठ, नीरज, परमेश्वर, पूर्णेश्वर, पिनाकपाणि, पिंगलाक्ष, पुरंदर, पशुपतिनाथ, प्रथमेश्वर, प्रभाकर, प्रलयंकर, भोलेनाथ, बैजनाथ, भगाली, भद्र, भस्मशायी, भालचंद्र, भुवनेश, भूतनाथ, भूतमहेश्वर, भोलानाथ, मंगलेश, महाकांत, महाकाल, महादेव, महारुद्र, महार्णव, महालिंग, महेश, महेश्वर, मृत्युंजय, यजंत, योगेश्वर, लोहिताश्व, विधेश, विश्वनाथ, विश्वेश्वर, विषकंठ, विषपायी, वृषकेतु, वैद्यनाथ, शशांक, शेखर, शशिधर, शारंगपाणि, शिवशंभु, सतीश, सर्वलोकेश्वर, सर्वेश्वर, सहस्रभुज, साँब, सारंग, सिद्धनाथ, सिद्धीश्वर, सुदर्शन, सुरर्षभ, सुरेश, सोम, सृत्वा, हर-हर महादेव, हरिशर, हिरण्य, हुत।
384. शेषनाग — अहीश, धरणीधर, सहस्रासन, फणीश।
385. षडयंत्र — कुचक्र, दुरभिसंधि, अभिसंधि, साजिश, जाल।
386. संध्या — सायंकाल, गोधूलि, निशारंभ, दिनांत, दिवावसान, पितृप्रसू, प्रदोष, सायम्।
387. संसार — जग, जगत्, भव, विश्व, जगती, दुनिया, लोक, संसृति।
388. समुद्र — जलधि, सिँधु, सागर, रत्नाकर, उदधि, नदीश, पारावार, वारिधि, पयोधि, अर्णव, नीरनिधि, तोयधि, वननिधि, वारीश, कंपति।
389. स्वर्ग — सुरलोक, देवलोक, परमधाम, त्रिदिव, दयुलोक, बैकुण्ठ, गोलोक, परलोक, नाक, द्यौ, इन्द्रलोक, दिव।
390. सरस्वती — भाषा, वाणी, वागीश्वरी, इला, विधात्री, भारती, शारदा, वीणाधारिणी, वाक्, गिरा, वीणापाणि, वाग्देवी, वीणावादिनी, ब्राह्मी, वाचा, गिरा, वागीश, महाश्वेता, श्री, ईश्वरी, संध्येश्वरी।
391. सखी — सहेली, सजनी, आली, सैरन्ध्री।
392. स्तन — उरोज, थन, कुच, वक्षोज, पयोधर।
393. स्वामी — ईश, पति, नाथ, साँई, अधिप, प्रभु।
394. साँप — सर्प, नाग, अहि, व्याल, भुजंग, विषधर, उरग, पन्नग, फणी, चक्षुश्रुवा, श्वसनोत्सुक, पवनासन, फणधर।
395. सिँह — केसरी, शेर, महावीर, हरि, मृगपति, वनराज, शार्दूल, नाहर, सारंग, मृगराज, मृगेन्द्र, पंचमुख, हर्यक्ष, पञ्चास्य, पारीन्द्र, श्वेतपिंगल, कण्ठीरख, पंचशिख, भीमविक्रम, केशी, मृगारि, कव्याद, नखी, विक्रान्त, दीप्तपिँगल, पुण्डरिक, पंचानन।
396. सीता — जानकी, भूमिजा, वैदेही, रामप्रिया, अयोनिज, जनकसुता, जनकदुलारी, सिया।
397. सुगन्ध — खुशबू, सुरभि, सौरभ, सुवास, तर्पण, सुगन्धि, मदगंध, सुवास, महक।
398. सुन्दर — रुचिर, चारु, सुहावन, सौम्य, मोहक, रमणीय, ललित, चित्ताकर्षक, ललाम, कमनीय, रम्य, कलित, मंजुल, मनोज, मनभावन।
399. सुन्दरता — लावण्य, सौम्यता, रमणीयता, शोभा, स्त्री, कमनीयता, चारुता, रुचिरता, छवि, कांति, रम्यता, सौन्दर्य, छटा, सुषमा।
400. सूर्य — रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर, आदित्य, दिनेश, भास्कर, दिवाकर, मार्तण्ड, अंशुमाली, दिननाथ, अर्क, तमरि, भूषण, तरणि, पतंग, मित्र, भानू, सविता, छायानाथ, मरीची, दिवसाधिप, विवस्वान, विभावसु, अम्बर, मणि, खग, गभास्तिमान, हिरण्यगर्भ, नक्षमाधिपति, सूर, वीरोचन, पूषण, अर्यमा, चक्रबन्धु, कमलबन्धु, हरि, सप्ताश्व, द्वादशात्मा, ऊष्मरश्मि, असुर, विकर्तन, गृहपति, सहस्रांशु, पद्माक्ष, तेजोराशि, महातेज, तमिस्रहा, जगच्चक्षु, प्रद्योतन, खद्योत, सारंग, मित्र।
401. सेना — कटक, सैन्यदल, फौज, वाहिनी।
402. सोना — हाटक, कनक, सुवर्ण, कंचन, हेम, कुन्दन, हिरण्य, स्वर्ण, चामीकर, तामरस।
403. हंस — मराल, चक्रंग, सूर्य, आत्मा, मानसौक, कलकंठ, मितपक्ष, कारण्डव।
404. हनुमान — कपीश, अंजनिपुत्र, पवनसुत, मारुतिनंदन, मारुत, बजरंगबली, महावीर।
405. हरिण — मृग, कुरंग, चमरी, सारंग, कृष्णसार, तृनजीवी।
406. हाथ — कर, हस्त, पाणि, बाहु, भुजा, भुज।
407. हाथी — गज, हस्ती, द्विप, वारण, वसुन्दर, करी, कुन्जर, दंती, कुम्भी, वितुण्डा, मतंग, नाग, द्विरद, सिन्धुर, गयन्द, कलभ, सारंग, मतगंज, मातंग, हरि, वज्रदन्ती, शुण्डाल।
408. हिमालय — हिमगिरी, हिमाचल, गिरिराज, पर्वतराज, नगेश, नगाधिराज, हिमवान, हिमाद्रि, शैलराट।
409. हृदय — छाती, वक्ष, वक्षस्थल, हिय, उर, सीना।
410. त्रुटि — गलती, कसर, कमी, भूल, संशय, अंगहीनता, प्रतिज्ञा–भंग।
411. मनुष्य- आदमी, नर, मानव, मानुष, मनुज।
412. मदिरा- शराब, हाला, आसव, मधु, मद।
413. मोर- केक, कलापी, नीलकंठ, नर्तकप्रिय।
414. मधु- शहद, रसा, शहद, कुसुमासव।
415. मृग- हिरण, सारंग, कृष्णसार।
416. मछली- मीन, मत्स्य, जलजीवन, शफरी, मकर।
417. माता- जननी, माँ, अंबा, जनयत्री, अम्मा।
418. मित्र- सखा, सहचर, साथी, दोस्त।
419. रात- रात्रि, रैन, रजनी, निशा, यामिनी, तमी, निशि, यामा, विभावरी।
420. राजा- नृप, नृपति, भूपति, नरपति, नृप, भूप, भूपाल, नरेश, महीपति, अवनीपति।
421. लक्ष्मी- कमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, इंदिरा।
422. विष- ज़हर, हलाहल, गरल, कालकूट।
423. वृक्ष- पेड़, पादप, विटप, तरू, गाछ, दरख्त, शाखी, विटप, द्रुम।
424. विष्णु- नारायण, दामोदर, पीताम्बर, चक्रपाणी।
425. शिव- भोलेनाथ, शम्भू, त्रिलोचन, महादेव, नीलकंठ, शंकर।
426. शरीर- देह, तनु, काया, कलेवर, अंग, गात।
427. शत्रु- रिपु, दुश्मन, अमित्र, वैरी, अरि, विपक्षी, अराति।
428. शिक्षक- गुरु, अध्यापक, आचार्य, उपाध्याय।
429. साँप- अहि, भुजंग, ब्याल, सर्प, नाग, विषधर, उरग, पवनासन।
430. सूर्य- रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर, आदित्य, दिनेश, भास्कर, दिवाकर।
431. संसार- जग, विश्व, जगत, लोक, दुनिया।
432. सोना- स्वर्ण, कंचन, कनक, हेम, कुंदन।
433. सिंह- केसरी, शेर, महावीर, हरि, मृगपति, वनराज, शार्दूल, नाहर, सारंग, मृगराज।
434. समुद्र- सागर, पयोधि, उदधि, पारावार, नदीश, जलधि, सिंधु, रत्नाकर, वारिधि।
435. समूह- दल, झुंड, वृंद, गण, पुंज।
436. स्त्री- नारी, महिला, अबला, ललना, औरत, कामिनी, रमणी।
437. सुगंधि- सौरभ, सुरभि, महक, खुशबू।
438. स्वर्ग- सुरलोक, देवलोक, परमधाम, त्रिदिव, दयुलोक।
439. हिमालय- हिमगिरी, हिमाचल, गिरिराज, पर्वतराज, नगेश।
440. हृदय- छाती, वक्ष, वक्षस्थल, हिय, उर।
441. हाथ- हस्त, कर, पाणि।
442. हाथी- नाग, हस्ती, राज, कुंजर, कूम्भा, मतंग, वारण, गज, द्विप, करी, मदकल।
443. अग्नि- आग, अनल, पावक, वह्नि।
444. अहंकार- दंभ, गर्व, अभिमान, दर्प, मद, घमंड।
445. अमृत- सुधा, अमिय, पीयूष, सोम, मधु, अमी।
446. असुर- दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज, रात्रिचर।
447. अतिथि- मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।
448. अनुपम- अपूर्व, अतुल, अनोखा, अदभुत, अनन्य।
449. अर्थ- धन्, द्रव्य, मुद्रा, दौलत, वित्त, पैसा।
450. अश्व- हय, तुरंग, बाजी, घोड़ा, घोटक।
451. अंधकार- तम, तिमिर, तमिस्र, अँधेरा।

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452. आम- रसाल, आम्र, सौरभ, मादक, अमृतफल, सहुकार।
453. आग- अग्नि, अनल, हुतासन, पावक, दहन, ज्वलन, धूमकेतु, कृशानु, वहनि, शिखी, वह्नि।
454. आँख- लोचन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि, अक्षि।
455. आकाश- नभ, गगन, अम्बर, व्योम, अनन्त, आसमान, अंतरिक्ष, शून्य, अर्श।
456. आनंद- हर्ष, सुख, आमोद, मोद, प्रमोद, उल्लास।
457. आश्रम- कुटी, विहार, मठ, संघ, अखाडा।
458. आंसू- नेत्रजल, नयनजल, चक्षुजल, अश्रु।
459. आत्मा- जीव, देव, चैतन्य, चेतनतत्तव, अंतःकरण।

460. इच्छा- अभिलाषा, अभिप्राय, चाह, कामना, लालसा, मनोरथ, आकांक्षा, अभीष्ट।
461. इन्द्र- सुरेश, सुरेन्द्र, देवेन्द्र, सुरपति, शक्र, पुरंदर, देवराज।

462. ईश्वर- परमात्मा, प्रभु, ईश, जगदीश, भगवान, परमेश्वर, जगदीश्वर, विधाता।

463. ओंठ- ओष्ठ, अधर, होठ।

464. कमल- नलिन, अरविन्द, उत्पल, राजीव, पद्म, पंकज, नीरज, सरोज, जलज, जलजात।
465. कृपा- प्रसाद, करुणा, दया, अनुग्रह।
466. किताब- पोथी, ग्रन्थ, पुस्तक।
467. कपड़ा- चीर, वसन, पट, अंशु, कर, मयुख, वस्त्र, अम्बर, परिधान।
468. किरण- ज्योति, प्रभा, रश्मि, दीप्ति, मरीचि।
469. किसान- कृषक, भूमिपुत्र, हलधर, खेतिहर, अन्नदाता।
470. कृष्ण- राधापति, घनश्याम, वासुदेव, माधव, मोहन, केशव, गोविन्द, गिरधारी।
471. कान- कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल।
472. कोयल- कोकिला, पिक, काकपाली, बसंतदूत, सारिका, कुहुकिनी, वनप्रिया।
473. क्रोध- रोष, कोप, अमर्ष, कोह, प्रतिघात।

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474. गणेश- विनायक, गजानन, गौरीनंदन, गणपति, गणनायक, शंकरसुवन, लम्बोदर, महाकाय।
475. गज – हाथी , हस्ती , मतंग , कूम्भा, मदकल ।
476. गर्मी- ताप, ग्रीष्म, ऊष्मा, गरमी, निदाघ।
477. गाय- गौ, धेनु, सुरभि, भद्रा, रोहिणी।
478. गंगा- देवनदी, मंदाकनी, भगीरथी, विश्नुपगा, देवपगा, ध्रुवनंदा, सुरसरिता, देवनदी, जाह्नवी, त्रिपथगा।
479. गृह- घर, सदन, गेह, भवन, धाम, निकेतन, निवास, आलय, आवास, निलय, मंदिर।

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480. घर : गृह, सदन, आवास, आलय, गेह, निवास, निलय, मंदिर अमृत- सुधा, सोम, पीयूष, अमिय।

481. चरण- पद, पग, पाँव, पैर।
482. चंद्रमा- चाँद, हिमांशु, इंदु, विधु, तारापति, चन्द्र, शशि, हिमकर, राकेश, रजनीश, निशानाथ, सोम, मयंक, सारंग, सुधाकर, कलानिधि।

483. जल- अमृत, सलिल, वारि, नीर, तोय, अम्बु, उदक, पानी, जीवन, पय, पेय।
484. जंगल- विपिन, कानन, वन, अरण्य, गहन, कांतार, बीहड़, विटप।
485. जेवर – गहना, अलंकार, भूषण, आभरण, मंडल।

486. झूठ- असत्य, मिथ्या, मृषा, अनृत।

487. तालाब- सरोवर, जलाशय, सर, पुष्कर, पोखरा, जलवान, सरसी।

488. दास- सेवक, नौकर, चाकर, परिचारक, अनुचर।
489. दरिद्र- निर्धन, ग़रीब, रंक, कंगाल, दीन।
490. दिन- दिवस, याम, दिवा, वार, प्रमान।
491. दुःख- पीड़ा,कष्ट, व्यथा, वेदना, संताप, शोक, खेद, पीर, लेश।
492. दूध- दुग्ध, क्षीर, पय।
493. दुष्ट- पापी, नीच, दुर्जन, अधम, खल, पामर।
494. दर्पण- शीशा, आरसी, आईना, मुकुर।
495. दुर्गा- चंडिका, भवानी, कुमारी, कल्याणी, महागौरी, कालिका, शिवा।
496. देवता- सुर, देव, अमर, वसु, आदित्य, लेख।

497. धन- दौलत, संपत्ति, सम्पदा, वित्त।
498. धरती- धरा, धरती, वसुधा, ज़मीन, पृथ्वी, भू, भूमि, धरणी, वसुंधरा, अचला, मही, रत्नवती, रत्नगर्भा।
499. धनुष- चाप्, शरासन, कमान, कोदंड, धनु।

500. नदी- सरिता, तटिनी, सरि, सारंग, जयमाला, तरंगिणी, दरिया, निर्झरिणी।
501. नया- नूतन, नव, नवीन, नव्य।
502. नाव- नौका, तरणी, तरी।

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503. पवन- वायु, हवा, समीर, वात, मारुत, अनिल, पवमान, समीरण, स्पर्शन।
504. पहाड़- पर्वत, गिरि, अचल, शैल, धरणीधर, धराधर, नग, भूधर, महीधर।
505. पक्षी- खेचर, दविज, पतंग, पंछी, खग, चिडिया, गगनचर, पखेरू, विहंग, नभचर।
506. पति- स्वामी, प्राणाधार, प्राणप्रिय, प्राणेश, आर्यपुत्र।
507. पत्नी- भार्या, वधू, वामा, अर्धांगिनी, सहधर्मिणी, गृहणी, बहु, वनिता, दारा, जोरू, वामांगिनी।
508. पानी : जल, वारि, नीर, तोय, सलिल, अंबु,सर
509. पुत्र- बेटा, आत्मज, सुत, वत्स, तनुज, तनय, नंदन।
510. पुत्री- बेटी, आत्मजा, तनूजा, सुता, तनया।
511. पुष्प- फूल, सुमन, कुसुम, मंजरी, प्रसून, पुहुप।
512. पृथ्वी- धरा, मही, धरती, वसुधा, भूमि, वसुंधरा।

513. बादल- मेघ, घन, जलधर, जलद, वारिद, नीरद, सारंग, पयोद, पयोधर।
514. बालू- रेत, बालुका, सैकत।
515. बन्दर- वानर, कपि, कपीश, हरि।
516. बिजली- घनप्रिया, इन्द्र्वज्र, चंचला, सौदामनी, चपला, दामिनी, ताडित, विद्युत।

517. भूषण- जेवर, गहना, आभूषण, अलंकार।

518. मनुष्य- आदमी, नर, मानव, मानुष, मनुज।
519. मदिरा- शराब, हाला, आसव, मधु, मद।
520. मोर- केक, कलापी, नीलकंठ, नर्तकप्रिय।
521. मधु- शहद, रसा, शहद, कुसुमासव।
522. मृग- हिरण, सारंग, कृष्णसार।
523. मछली- मीन, मत्स्य, जलजीवन, शफरी, मकर।
524. माता- जननी, माँ, अंबा, जनयत्री, अम्मा।
525. मित्र- सखा, सहचर, साथी, दोस्त।
526. मेघ- बादल, जलधर, पयोद, पयोधर, घन।

527. रजनी- रात्रि, निशा, यामिनी, विभावरी।
528. रात- रात्रि, रैन, रजनी, निशा, यामिनी, तमी, निशि, यामा, विभावरी।
529. राजा- नृप, नृपति, भूपति, नरपति, नृप, भूप, भूपाल, नरेश, महीपति, अवनीपति।

530. लक्ष्मी- कमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, इंदिरा।

531. विष- ज़हर, हलाहल, गरल, कालकूट।
532. वृक्ष- पेड़, पादप, विटप, तरू, गाछ, दरख्त, शाखी, विटप, द्रुम।
533. विष्णु- नारायण, दामोदर, पीताम्बर, चक्रपाणी।

534. शिव- भोलेनाथ, शम्भू, त्रिलोचन, महादेव, नीलकंठ, शंकर।
535. शरीर- देह, तनु, काया, कलेवर, अंग, गात।
536. शत्रु- रिपु, दुश्मन, अमित्र, वैरी, अरि, विपक्षी, अराति।
537. शिक्षक- गुरु, अध्यापक, आचार्य, उपाध्याय।

538. साँप- अहि, भुजंग, ब्याल, सर्प, नाग, विषधर, उरग, पवनासन, पन्नग।
539. सूर्य- रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर, आदित्य, दिनेश, भास्कर, दिवाकर।
540. संसार- जग, विश्व, जगत, लोक, दुनिया।
541. सोना- स्वर्ण, कंचन, कनक, हेम, कुंदन।
542. सिंह- केसरी, शेर, महावीर, हरि, मृगपति, वनराज, शार्दूल, नाहर, सारंग, मृगराज।
543. समुद्र- सागर, पयोधि, उदधि, पारावार, नदीश, जलधि, सिंधु, रत्नाकर, वारिधि।
544. समूह- दल, झुंड, वृंद, गण, पुंज।
545. स्त्री- नारी, महिला, अबला, ललना, औरत, कामिनी, रमणी।
546. सुगंधि- सौरभ, सुरभि, महक, खुशबू।
547. स्वर्ग- सुरलोक, देवलोक, परमधाम, त्रिदिव, दयुलोक।

548. हवा : पवन, वायु, समीर, अनिल, वात ,मरुत ,पवमान
549. हिमालय- हिमगिरी, हिमाचल, गिरिराज, पर्वतराज, नगेश।
550. हृदय- छाती, वक्ष, वक्षस्थल, हिय, उर।
551. हाथ- हस्त, कर, पाणि।
552. हाथी- नाग, हस्ती, राज, कुंजर, कूम्भा, मतंग, वारण, गज, द्विप, करी, मदकल।

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