यांत्रिकी Yantriki

By | July 2, 2016

Yantriki

यांत्रिक के मुख्य भाग क्या-क्या हैं?
यांत्रिक भौतिकी की सबसे पुरानी शाखा है। इसके अंतर्गत विरामावस्था व गत्यावस्था की वस्तुओं का अध्ययन किया जाता है।
यांत्रिक के दो मुख्य भाग हैं:-
(1) स्थिति विज्ञान:- इसके अंतर्गत उन वस्तुओं का अध्ययन किया जाता है जो विरामावस्था में होती है। इसमें समय को कोई महत्त्व नहीं दिया जाता है।

(2) गति विज्ञान:- गति विज्ञान यांत्रिक की वह शाखा है जिसके अंतर्गत उन वस्तुओं का अध्ययन किया जाता है जो गत्यावस्था में होती है।इसमें समय को महत्त्व दिया जाता है। इसे पुनः दो भागों में विभाजित किया गया है:-
(अ) शुद्ध गति विज्ञान
(ब) उचित गति विज्ञान’
एकविमीय गति से आप क्या समझते हैं?उदाहरण दीजिए।’,’जब कोई वस्तु एक सरल रेखा में गति करती
है तो उसकी इस गति को एकविमीय गति कहते हैं। इस गति में वस्तु की चौड़ाई और पार्श्व गति की उपेक्षा कर दी जाती है।
उदाहरण:-
दोनों सिरों से बँधे डोरी में रेंगता कीड़ा, रेलवे ट्रैक पर दौड़ती हुई रेलगाड़ी की गति, सीधी सड़क पर चलती हुई कार की गति आदि।एकविमीय गति में सरल रेखा में गति करती हैं। अतः इस गति को ऋजुरेखीय गति भी कहते हैं।’
द्विविमीय गति से आप क्या समझते हैं?उदाहरण दीजिए।’,’जब कोई वस्तु किसी समतल पर गति करती है तथा उसकी पार्श्व गति की उपेक्षा नहीं करते तो उसकी इस गति को द्विविमीय गति कहते हैं।
उदाहरण:-
जमीन पर रेंगते हुए कीड़े की गति, बिलियर्ड गेंद की गति, नदी पर नाव की गति, वृत्तीय गति आदि।’
त्रिविमीय गति से आप क्या समझते हैं?उदाहरण दीजिए।’,’जब कोई वस्तु आकाश में गति करती है तो उसकी इस गति को त्रिविमीय गति कहते हैं।

उदाहरण:-
आकाश (वातावरण) में उड़ता कीड़ा, वायुयान, उड़ती हुई पतंग या चिड़िया की गति, गैस के अणुओं की गति आदि।’
विस्थापन की परिभाषा लिखिए। SI पद्धति में इसका मात्रक क्या है?
एक विशेष दिशा में गतिमान वस्तु के स्थिति -परिवर्तन को उसका विस्थापन कहते हैं। विस्थापन एक सदिश राशि है। SI  में इसका मात्रक मीटर है।’
दूरी किसे कहते हैं? SI  में इसका मात्रक क्या है?
दिये गये समयान्तराल में वस्तु के द्वारा तय किये गये पथ की लम्बाई को दूरी कहते हैं। दूरी एक अदिश राशि है। यह गतिमान वस्तु के पथ की लम्बाई पर निर्भर करती है। इसका भी SI पद्धति में मात्रक मीटर है। दूरी सदैव धनात्मक होती है।’
विस्थापन और दूरी में क्या अंतर है?
विस्थापन और दूरी में अंतर:-

Read Also-  कार्य Work

विस्थापन:-
1:-यह दिये समयान्तराल में वस्तु के स्थिति निर्देशांकों के अंतर के तुल्य होता है।
2:-यह एक सदिश राशि है।
3:-विस्थापन धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है।
4:-विस्थापन वस्तु के पथ की आकृति पर निर्भर नहीं करता।
5:-इसका परिमाण दूरी के बराबर या उससे छोटा होता है।

दूरी:-
1:- यह दिये समयान्तराल में वस्तु द्वारा तय किये गये पथ की लम्बाई के तुल्य होता है।
2:-यह एक अदिश राशि है।
3:-दुरी सदैव धनात्मक होती है।
4:-दूरी वस्तु के पथ की आकृति पर निर्भर करता है।
5:- यह विस्थापन के परिमाण के बराबर या उससे अधिक होता है।’
वेग किसे कहते हैं?
एक निश्चित दिशा में वस्तु द्वारा एकांक समय में चली गई दूरी को उसका वेग कहते हैं। या गतिमान वस्तु के विस्थापन की दर को उसका वेग कहते हैं।
SI पद्धति में इसका मात्रक मीटर प्रति सेकण्ड है। वेग एक सदिश राशि है। वेग धनात्मक तथा ऋणात्मक दोनों हो सकता है।’
चाल किसे कहते हैं?
किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में चली गई दूरी को उसकी चाल कहते हैं। या किसी गतिमान वस्तु के स्थिति परिवर्तन की दर को उस वस्तु की चाल कहते हैं। SI पद्धति में इसका मात्रक मीटर प्रति सेकण्ड है। चाल एक सदिश राशि है। चाल सदैव धनात्मक होती है, ऋणात्मक नहीं।’
एकसमान गति किसे कहते हैं?
जब कोई वस्तु सदैव उसी दिशा में समान समयान्तराल में समान दूरी तय करती है तो उसकी इस गति को एकसमान गति कहते हैं।’
एकसमान वेग किसे कहते हैं?
जब समान समयान्तराल में किसी वस्तु का विस्थापन समान होता है, चाहे समयान्तराल कितना भी छोटा क्यों न हो, तो उसके वेग को एकसमान वेग कहते हैं।
उदाहरण:- किसी समांगी माध्यम में प्रकाश का वेग एकसमान वेग होता है। इसी प्रकार किसी समांगी
माध्यम में ध्वनि एकसमान वेग से चलती है।’
एकसमान चाल किसे कहते हैं?
जब कोई वस्तु समान समयान्तराल में समान दूरी तय करती है, चाहे समयान्तराल कितना भी छोटा क्यों न हो, तो उसकी चाल को एकसमान चाल कहते हैं। एकसमान गति में वस्तु की चाल उसके वेग के परिमाण के बराबर होती है।’
परिवर्ती गति किसे कहते हैं?
जब कोई वस्तु समान समयान्तराल में असमान दूरी तय करती है तो उसकी इस गति को परिवर्ती गति कहते हैं।’
परिवर्ती वेग, औसत वेग और तात्क्षणिक वेग किसे कहते हैं?’,’परिवर्ती वेग:- जब समान समयान्तराल में किसी वस्तु का विस्थापन असमान होता है, तो उसके वेग को परिवर्ती वेग कहते हैं।

Read Also-  भौतिकी एक परिचय physics ka parichay

औसत वेग:- दिये गये समयान्तराल में वस्तु के कुल विस्थापन और कुल समयान्तराल के अनुपात को उस वस्तु का औसत वेग कहते हैं।

तात्क्षणिक वेग:- परिवर्ती गति में किसी क्षण पर वस्तु के वेग को उसका तात्क्षणिक वेग कहते हैं।’
परिवर्ती चाल, औसत चाल और तात्क्षणिक चाल किसे कहते हैं? ‘,’परिवर्ती चाल:- जब कोई वस्तु समान समयान्तराल में असमान दूरियाँ तय करती है तो चाल को परिवर्ती चाल कहते हैं।
औसत चाल:- दिये गए समयान्तराल  में चली गई कुल दूरी और कुल समयान्तराल के अनुपात को वस्तु की औसत चाल कहते हैं।
औसत चाल= चली गई कुल दुरी/कुल समयान्तराल
तात्क्षणिक चाल:- परिवर्ती गति में किसी क्षण पर वस्तु की चाल को तात्क्षणिक चाल कहते हैं।’
एकविमीय गति के क्या-क्या गुण हैं?’,’एकविमीय गति के निम्न गुण हैं:-

(1) यदि वस्तु एक ही दिशा में गति करे तो वस्तु का विस्थापन, उसके द्वारा चली गई दूरी के बराबर होता है।

(2) मार्ग के प्रत्येक बिंदु पर तथा प्रत्येक क्षण वेग एकसमान होता है।

(3) वस्तु का औसत वेग उसके तात्क्षणिक वेग के बराबर होता है।

(4) वस्तु पर कार्य करने वाले नेट असंतुलित बल का मान शून्य होता है।’
एकसमान गति का ग्राफिक निरूपण क्या है?
एकसमान गति का ग्राफिक निरूपण निम्न दो तरीकों से किया जा सकता है:-
(1) वेग-समय ग्राफ:-गतिमान वस्तु के वेग और समय के बीच खिंचा गया ग्राफ वेग-समय ग्राफ कहलाता है। एकसमान गति में वस्तु का वेग नियत रहता है। अतः वेग-समय ग्राफ एक सरल रेखा होती है जो समय अक्ष के समान्तर होती है।

(2) स्थिति-समय ग्राफ:- गतिमान वस्तु की विभिन्न क्षणों पर स्थिति और संगत समय के बीच खिंचा गया ग्राफ स्थिति-समय ग्राफ कहलाता है। स्थिति-समय ग्राफ की प्रवणता वस्तु के वेग के बराबर होती है।’
त्वरण किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:- समय के साथ वेग  में परिवर्तन की दर को  त्वरण कहते हैं। त्वरण दो प्रकार के होते हैं:-

(1) नियम त्वरण या एकसमान त्वरण:-जब समान समयान्तराल में वस्तु के वेग में समान परिवर्तन होता है तो वस्तु जा त्वरण नियत त्वरण या एकसमान त्वरण कहलाता है।इस स्थिति में वस्तु की गति एकसमान त्वरित गति कहलाती है।

(2) परिवर्ती त्वरण:- जब समान समयान्तराल में वस्तु के वेग में असमान परिवर्तन होता है तो वस्तु का त्वरण परिवर्ती त्वरण कहलाता है।परिवर्ती त्वरण की स्थिति में औसत त्वरण और तात्क्षणिक त्वरण ज्ञात किया जाता है।’
औसत त्वरण, तात्क्षणिक त्वरण,धनात्मक और ऋणात्मक त्वरण किसे कहते हैं?’,’औसत त्वरण:-वेग परिवर्तन की औसत दर को वस्तु का औसत त्वरण कहते हैं।
तात्क्षणिक त्वरण:- किसी क्षण विशेष पर वस्तु के त्वरण को तात्क्षणिक त्वरण कहते हैं।
धनात्मक और ऋणात्मक त्वरण:- जब समय के साथ वस्तु का वेग बढ़ता है तो उसमें उत्पन्न त्वरण को ,धनात्मक त्वरण और जब समय के साथ वस्तु का वेग घटता है तो उसमें उत्पन्न त्वरण को
ऋणात्मक त्वरण कहते हैं।
उदाहरण:-जब कोई वस्तु ऊपर से नीचे की ओर गिरती है तो वेग क्रमशः बढ़ने लगता है। इस स्थिति में उत्पन्न त्वरण धनात्मक होता है। किन्तु जब किसी वस्तु को ऊपर की ओर फेंका जाता है तो उसका वेग क्रमशः घटने लगता है। इस स्थिति में उत्पन्न त्वरण  ऋणात्मक होता है।’
एकसमान त्वरित गति किसे कहते हैं?
जब कोई वस्तु इस प्रकार गति करती है कि समान समयान्तराल में वस्तु के समान परिवर्तन होता है तो उसकी इस गति को एकसमान त्वरित गति  कहते हैं। एकसमान त्वरित गति में वस्तु का त्वरण एकसमान अर्थात् नियत रहता है।
उदाहरण:-
जब कोई वस्तु गुरुत्व के अधीन स्वतंत्रतापूर्वक गिरती है तो उसके वेग में प्रति सेकण्ड 9.8 मीटर/सेकण्ड की वृद्धि होती है। प्रारंभ में उसका वेग शून्य होता है। 1 सेकण्ड पश्चात् उसका वेग 9.8 मीटर/सेकण्ड, 2 सेकण्ड पश्चात् 19.6 मीटर/सेकण्ड तथा 3 सेकण्ड पश्चात् 29.4 मीटर/ सेकण्ड हो जाता है और इसी तरह आगे उसके वेग में वृद्धि होती चली जाती है। अतः गुरुत्व के अधीन स्वतंत्रतापूर्वक गिरती वस्तु की गति एकसमान त्वरित गति होती है।’
विरामावस्था और गत्यावस्था किसे कहते हैं?’,’विरामावस्था:- जब कोई वस्तु समय के साथ अपने चारों ओर की वस्तुओं के सापेक्ष अपना स्थान नहीं बदलती, तो उसे विरामावस्था में कहते हैं।

Read Also-  घर्षण Friction

गत्यावस्था:- जब कोई वस्तु समय के साथ अपने चारों ओर की वस्तुओं के सापेक्ष अपना स्थान बदलती है, तो उसे गत्यावस्था में कहते हैं।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *